कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाज़ी तेज हो गई है। चुनावी माहौल के बीच भाजपा और कांग्रेस नेताओं ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एक तरफ भाजपा राज्य में सत्ता परिवर्तन का दावा कर रही है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठा रही है। राज्य में राजनीतिक सरगर्मी लगातार बढ़ती जा रही है।
भाजपा का दावा: बंगाल में ‘परिवर्तन’ तय
भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि पश्चिम बंगाल में इस बार राजनीतिक परिवर्तन होने जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में ‘कमल खिल रहा है’ और डबल इंजन की सरकार बनने जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे “मुंगेरीलाल के हसीन सपने” देख रही हैं और यह उनकी राजनीतिक बौखलाहट को दर्शाता है।
कांग्रेस का आरोप: लोकतंत्र पर सवाल
वहीं, बहरामपुर से कांग्रेस उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में विपक्ष को चुनाव प्रक्रिया में बाधाओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पंचायत से लेकर नगर पालिका चुनावों तक नामांकन दाखिल करने में दिक्कतें आती हैं और कई जगहों पर विपक्ष को रोका जाता है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि केंद्रीय बलों की मौजूदगी में लोगों ने अपेक्षाकृत भयमुक्त होकर मतदान किया।
निष्पक्ष चुनाव पर बहस तेज
कांग्रेस नेता टी.एस. सिंह देव ने भी पश्चिम बंगाल की चुनावी स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में अर्धसैनिक बलों की तैनाती यह दर्शाती है कि हालात सामान्य नहीं हैं। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए इसे लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताया।