उज्जैन को एक विश्वस्तरीय धार्मिक शहर बनाने के लिए बड़ा विकास प्लान तैयार किया गया है। इंदौर की तर्ज पर अब यहां भी ‘टेंपल बॉन्ड’ के जरिए 9 प्रमुख तीर्थ स्थलों का कायाकल्प किया जाएगा।
टेंपल बॉन्ड से जुटेंगे 1050 करोड़
इस योजना के तहत टेंपल बॉन्ड के माध्यम से करीब 1050 करोड़ रुपये जुटाने का प्रस्ताव है। इस राशि का उपयोग मंदिरों के सौंदर्यीकरण, बुनियादी ढांचे के विकास और सुविधाओं के विस्तार में किया जाएगा।
प्रमुख मंदिरों पर रहेगा फोकस
- योजना में महाकालेश्वर क्षेत्र सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों को विकसित किया जाएगा।
- बेहतर सड़क और मार्ग व्यवस्था
- पार्किंग, प्रकाश और पेयजल सुविधा
- स्वच्छता और आधुनिक व्यवस्थाएं
कालभैरव और सांदीपनि आश्रम का विकास
कालभैरव मंदिर और सांदीपनि आश्रम जैसे महत्वपूर्ण स्थलों को भी इस परियोजना में शामिल किया गया है। यहां पर्यटन सुविधाओं को बढ़ाने के साथ धार्मिक महत्व को सुरक्षित रखने पर जोर दिया जाएगा।
सिंहस्थ 2028 की तैयारियां तेज
यह पूरा प्रोजेक्ट Simhastha 2028 को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। हर 12 साल में होने वाले इस आयोजन में लाखों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं, इसलिए शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना जरूरी है।
निवेश और रोजगार के अवसर
इस योजना से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। होटल, परिवहन, गाइड और छोटे व्यापारियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
लक्ष्य: विश्वस्तरीय धार्मिक शहर
सरकार का उद्देश्य उज्जैन को आधुनिक सुविधाओं से लैस एक व्यवस्थित और वैश्विक स्तर का धार्मिक केंद्र बनाना है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके।