मध्यप्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के दूसरे दिन आज हरदा फैक्ट्री ब्लास्ट का मुद्दा गरमाया। विपक्ष ने सदन में मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग उठाई है।
घटना दुर्भाग्यपूर्ण, किसी दोषी को नहीं बख्शेंगे - मुख्यमंत्री
हरदा की पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट की घटना को लेकर विधानसभा में विपक्ष द्वारा लाए गए स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जांच कराई जा रही है। कितना ही बड़ा अधिकारी क्यों ना हो, दोषी को नहीं छोड़ा जाएगा। पूरे प्रदेश में जांच के लिए टीम गठित कर दी है। मैं इस बात में नहीं पड़ना चाहता हूं कि तीन वर्ष पहले किसकी सरकार थी। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है। जैसे ही इसकी जानकारी लगी तो मंत्री राव उदय प्रताप सिंह को अधिकारियों के साथ भेजा। तत्काल सभी कलेक्टरों की आपात बैठक बुलाई गई। जो वीडियो देखा था, उससे ऐसा लग रहा था मानो परमाणु बम फूट गया हो। केंद्रीय गृहमंत्री को तत्काल सूचना दी गई क्योंकि तब तक घटना के संबंध में कोई ठोस जानकारी नहीं थी। यदि किसी को बाहर भेजने की आवश्यकता होगी तो उपचार के लिए अवश्य भेजा जाएगा। यह भी देखा जाएगा कि ऐसी फैक्ट्री के आसपास किसी तरह की बस्ती ना हो।
विपक्ष ने की न्यायिक आयोग गठित करने की मांग
उधर, विपक्ष ने इस पूरे मामले की जांच के लिए न्यायिक आयोग गठित करने की मांग की जिसे नहीं माना गया। इसके बाद विपक्ष ने बहिर्गमन कर विरोध जताया और सदन के बाहर नारेबाजी की। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने आरोप लगाया कि सरकार अधिकारियों को बचाने का प्रयास कर रही है जांच के नाम पर लीपापोती हो रही है तत्कालीन संभाग आयुक्त पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को हटाए जाने पर भी विपक्ष ने कहा कि यह कोई कार्रवाई नहीं है सिर्फ दिखावा है।
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