दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में कोहरे की इतनी घनी परत छाई रही कि कई इलाकों में विजिबिलिटी लगभग शून्य हो गई। सड़कों पर वाहन बेहद धीमी गति से चलते नजर आए और कई स्थानों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। ठंड के इस तीखे दौर ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है और सुबह-शाम घर से निकलना लोगों के लिए चुनौती बन गया है।
तापमान में तेज गिरावट, ठिठुरन बढ़ी
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में न्यूनतम तापमान गिरकर 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि नोएडा और उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों में यह 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। लगातार गिरते तापमान के कारण ठिठुरन बढ़ती जा रही है और लोग अलाव व गर्म कपड़ों का सहारा लेने को मजबूर हैं।
उत्तर प्रदेश में कोहरे के साथ बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के लोगों को सतर्क करते हुए बताया है कि अगले दो दिनों तक पश्चिमी और पूर्वी यूपी में घना कोहरा छाया रहेगा। इसके साथ ही 18 और 19 जनवरी को राज्य के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। बारिश के चलते तापमान में और गिरावट आ सकती है, जिससे सर्दी का असर और तेज हो जाएगा।
कोहरे के साथ स्मॉग का संकट, हवा हुई जहरीली
दिल्ली में ठंड के साथ-साथ वायु प्रदूषण भी गंभीर बना हुआ है। कोहरे और स्मॉग के मेल से कई इलाकों में हवा बेहद खराब हो गई है। अलीपुर, अशोक विहार और द्वारका जैसे क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 से 400 के पार पहुंच गया है, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक श्रेणी में आता है। सांस के रोगियों, बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी के आसार, बढ़ेगी ठंड
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में आने वाले दिनों में भारी बर्फबारी की संभावना जताई गई है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 19 और 20 जनवरी को शिमला सहित हिमाचल के कई इलाकों में बर्फ गिर सकती है। उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों जैसे चमोली और उत्तरकाशी में भी बारिश और बर्फबारी के आसार हैं, जिससे तापमान और नीचे जा सकता है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी सर्दी का असर
राजस्थान में कड़ाके की ठंड और कोहरे को देखते हुए प्रशासन ने छोटे बच्चों के स्कूलों में छुट्टियां बढ़ा दी हैं। वहीं मध्य प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में भी ठंड का असर बढ़ने की आशंका है।
आने वाले दिन और चुनौतीपूर्ण
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिन उत्तर भारत के लिए और कठिन हो सकते हैं। शीतलहर, घना कोहरा, बारिश और बर्फबारी का संयुक्त प्रभाव न केवल जनजीवन बल्कि स्वास्थ्य और परिवहन व्यवस्था पर भी असर डाल सकता है। ऐसे में सावधानी, सतर्कता और मौसम से जुड़ी चेतावनियों का पालन करना बेहद जरूरी हो गया है।
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