रायपुर | छत्तीसगढ़ विधानसभा को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाने की तैयारी तेज हो गई है। बजट सत्र से पहले विधानसभा के डिजिटाइजेशन का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत सदन में हर विधायक की टेबल पर डिजिटल गैजेट्स और टैबलेट लगाए जाएंगे। इस पहल से विधानसभा की कार्यवाही को आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
तीन महीने में डिजिटाइजेशन पूरा करने का लक्ष्य
विधानसभा के डिजिटाइजेशन का काम तीन महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है, जबकि तकनीकी जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसाइटी (CHiPS) को सौंपी गई है।
ई-विधान एप्लीकेशन से हाईटेक बनेगा सदन
राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) के तहत छत्तीसगढ़ विधानसभा को हाईटेक ई-सदन के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके जरिए विधायी कामकाज में कागजों का इस्तेमाल कम करने और दस्तावेजों को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।
मोबाइल ऐप पर मिलेगी कार्यसूची और प्रश्न-उत्तर की जानकारी
डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद विधायकों को मोबाइल ऐप पर सदन की कार्यसूची उपलब्ध कराने की योजना है। इसके अलावा प्रश्न-उत्तर, बजट भाषण और विधानसभा की लाइव कार्यवाही जैसी सुविधाएं भी डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपलब्ध कराने की तैयारी है। छत्तीसगढ़ विधानसभा को ‘वन नेशन, वन लेजिस्लेटिव प्लेटफॉर्म’ से जोड़ने की भी योजना है। इससे विधायी कामकाज को एकीकृत डिजिटल व्यवस्था के तहत संचालित करने में मदद मिल सकती है।
324 करोड़ रुपये के नए भवन को हाईटेक बनाने की तैयारी
324 करोड़ रुपये की लागत से बने नए विधानसभा भवन को आधुनिक तकनीक से लैस करने की तैयारी की जा रही है। डिजिटल गैजेट्स, टैबलेट और ऑनलाइन सेवाओं के इस्तेमाल से सदन की कार्यवाही को अधिक व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया जाएगा। इस पहल के लागू होने के बाद विधायकों को जरूरी दस्तावेज डिजिटल रूप में मिल सकेंगे और सदन के कामकाज में कागजों पर निर्भरता कम हो सकती है। हालांकि, परियोजना की समयसीमा और सभी सुविधाओं के शुरू होने की अंतिम स्थिति आधिकारिक जानकारी से स्पष्ट होगी।