रायपुर। छत्तीसगढ़ में कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बाद आज पहली बार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में डीजी कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। नया रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में हुई इस अहम बैठक में राज्य की कानून-व्यवस्था, बढ़ते अपराध, नक्सलवाद और साइबर क्राइम जैसे मुद्दों पर गहन समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस हाउसिंग बोर्ड और नए साइबर थानों का भी उद्घाटन किया। इसके साथ ही आगामी केंद्रीय गृह मंत्री के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और रणनीति पर भी चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई डीजी कॉन्फ्रेंस में लिए गए निर्णयों की समीक्षा की गई है और उन्हें पूरी सख्ती के साथ ज़मीन पर लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने साफ संदेश दिया कि कानून-व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पिछली डीजी कॉन्फ्रेंस में अपराध नियंत्रण को लेकर रात्री गश्त बढ़ाने, संवेदनशील इलाकों की पहचान, तेज़ रिस्पॉन्स सिस्टम, महिला सुरक्षा और साइबर अपराधों से निपटने के लिए तकनीकी अपग्रेडेशन जैसे निर्देश दिए गए थे। आज की बैठक में इन फैसलों की प्रगति रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की गई। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों के समन्वय और ऑपरेशनल रणनीति की भी दोबारा समीक्षा की गई।
वहीं कानून-व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने डीजी कॉन्फ्रेंस को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि लगातार अपराध हो रहे हैं और सरकार सिर्फ बैठकें कर रही है। उनका आरोप है कि कानून-व्यवस्था संभालने में सरकार विफल साबित हो रही है।
डीजी कॉन्फ्रेंस के जरिए सरकार जहां सख्ती और एक्शन का संदेश देना चाहती है, वहीं विपक्ष इसे कानून-व्यवस्था की नाकामी बता रहा है। ऐसे में यह बैठक सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि सियासी भरोसे की भी परीक्षा बन गई है।
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