उज्जैन में वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ की व्यवस्थाएं प्रयागराज और हरिद्वार कुंभ की तर्ज पर होंगी। इसका अध्ययन करने के लिए मध्यप्रदेश से अधिकारियों का एक दल दोनों स्थानों पर भेजा जाएगा। अधिकारी वहां कुंभ के दौरान की जाने वाली प्रत्येक व्यवस्थाओं का अध्ययन करके रिपोर्ट सरकार को देंगे और इसी आधार पर उज्जैन में सिंहस्थ के आयोजन की रूपरेखा बनाकर आगे की कार्ययोजना पर काम किया जाएगा।
सिंहस्थ के लिए उज्जैन में भूमि के आरक्षण एवं भूमि के उपयोग की जानकारी एकत्रित की जाएगी। नक्शे एवं तालिका के साथ उसके विश्लेषण की जानकारी भी होगी। इसके लिए उज्जैन कलेक्टर तथा टीएनसीपी आयुक्त को राज्य शासन ने जिम्मेदारी सौंपी है जो पिछले दो सिंहस्थों के आयोजन की जानकारी लेकर इसे तैयार करेंगे। दोनों से कहा गया है कि वे विशेष रूप से संपूर्ण मेला क्षेत्र की भूमियों के विभिन्न श्रेणी में आरक्षण, उनके आवंटन, वास्तविक उपयोग की विस्तृत जानकारी तैयार करें।
विभिन्न श्रेणी के आवंटनों, जैसे प्रमुख अखाड़े, सामाजिक-धार्मिक संस्थाएं एवं अन्य श्रेणियों की विस्तृत सूची व विगत दो सिंहस्थ मेलों में इनके क्षेत्रफल, मांग और संख्या का ट्रेंड भी तैयार करें। सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन के साथ-साथ संपूर्ण मालवा और निमाड़ के जिलों में भी विकास कार्य होंगे।
उज्जैन में वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ की व्यवस्थाएं प्रयागराज और हरिद्वार कुंभ की तर्ज पर होंगी। इसका अध्ययन करने के लिए मध्यप्रदेश से अधिकारियों का एक दल दोनों स्थानों पर भेजा जाएगा। अधिकारी वहां कुंभ के दौरान की जाने वाली प्रत्येक व्यवस्थाओं का अध्ययन करके रिपोर्ट सरकार को देंगे और इसी आधार पर उज्जैन में सिंहस्थ के आयोजन की रूपरेखा बनाकर आगे की कार्ययोजना पर काम किया जाएगा।
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