मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में एक ऐसा गांव है, जहां के लोगों ने आज तक कलेक्टर को नहीं देखा था। आजादी के 78 साल बाद भी इस गांव में कभी कलेक्टर के पांव नहीं पड़े थे। 78 सालों में पहली बार नर्मदापुरम कलेक्टर सोनिया मीना के पांव जब चौका गांव में पड़े तो लोगों के चेहरे खिल उठे। कलेक्टर सोनिया मीना ने वहां बैठकर गांव के लोगों की समस्याएं सुनी हैं। साथ ही बच्चों से बात की है।
चौका गांव में पहुंचीं कलेक्टर
कलेक्टर सोनिया मीना ने पहली बार पिपरिया से 20 किमी दूर स्थित चौका गांव का दौरा किया। रविवार को हुए इस दौरे में उन्होंने चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार अपने गांव में किसी कलेक्टर को देखा है। कलेक्टर ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई, राशन वितरण, आयुष्मान कार्ड, पेंशन योजनाओं और प्रधानमंत्री आवास योजना की स्थिति की जानकारी ली।
पहली बार गांव में पहुंचा कोई कलेक्टर
कलेक्टर सोनिया मीना का चौका गांव का दौरा ऐतिहासिक रहा क्योंकि आजादी के बाद यह पहला मौका था, जब कोई कलेक्टर इस गांव में पहुंचा। रविवार को आयोजित चौपाल में ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने कलेक्टर का भव्य स्वागत किया।
गांव में पढ़ाई की स्थिति अच्छी
इसके साथ ही ग्रामीणों ने बताया कि गांव में शिक्षा की स्थिति अच्छी है और गांव के ही शिक्षक जमुना प्रसाद मेहरा बच्चों को पढ़ाते हैं। कलेक्टर ने शिक्षक की सराहना की। राशन वितरण को लेकर ग्रामीणों ने बताया कि राशन की दुकान नियमित रूप से खुल रही है और सभी पात्र लोगों को राशन मिल रहा है।
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