मध्यप्रदेश के शासकीय कॉलेजों में मेधावी बेटियों के लिए चल रही गांव की बेटी व प्रतिभा किरण योजना के हितग्राहियों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। लंबे समय से इन योजनाओं में भुगतान नहीं हो रहा है। इसके चलते हितग्राही व उनके अभिभावक परेशान हैं। ऐसे में अब उच्च शिक्षा विभाग ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलसचिव और सभी शासकीय कॉलेजों के प्राचार्यों को निर्देश दिए है कि 10 दिन के भीतर सभी लंबित आवेदनों का निराकरण किया जाए और जिनको अभी तक भुगतान नहीं हुआ है उन्हें भुगतान किया जाएगा।
यह है गांव की बेटी योजना
गांव की बेटी योजना के तहत राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों की निवासी गांव में रहकर गांव की पाठशाला में कक्षा 12वीं में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण होने वाली छात्रा जो शासकीय या अशासकीय महाविद्यालय या विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हो, उसे 500 रुपए प्रतिमाह अथवा पांच हजार रुपए प्रति वर्ष देती है। योजना का लाभ लेने के लिए छात्राओं को ऑनलाइन छात्रवृत्ति पोर्टल पर आवेदन करना होता है। महाविद्यालय के प्राचार्य इस योजना में हितग्राही के नाम को स्वीकृति देते हैं। मंजूरी के बाद विद्यार्थियों के बैंक खाते में राशि जमा होती है। यह प्रोत्साहन योजना है और इसके साथ छात्रा अन्य योजनाओं का लाभ भी ले सकती है।
प्रतिभा किरण योजना में मिलते हैं 5000 रु. प्रतिवर्ष
प्रतिभा किरण योजना में शहर की निवासी गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाली छात्राएं जो कक्षा 12वीं में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण हुई हों और शासकीय या अशासकीय महाविद्यालय विश्वविद्यालय में स्नातक कक्षा में अध्ययनरत हों, उन्हें 500 रुपए मासिक के हिसाब से दस माह के लिए 5000 रुपए प्रतिवर्ष दिए जाते हैं। इस योजना में भी ऑनलाइन आवेदन स्कॉलरशिप पोर्टल पर करना होता है।
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