प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर सावन और भाद्र पक्ष के सोमवार को प्रजा का हाल-चाल जानने के लिए निकलते हैं। भाद्र माह के दूसरे सोमवार भगवान महाकाल की शाही सवारी निकाली जाती है। शाही सवारी को लेकर उज्जैन पुलिस और जिला प्रशासन बड़े पैमाने पर इंतजाम किए हैं।
महाकालेश्वर मंदिर समिति के प्रशासक संदीप सोनी ने बताया कि भाद्र पक्ष के दूसरे सोमवार भगवान महाकाल की शाही सवारी निकलेगी। जिसे लेकर मंदिर समिति की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मंदिर के राम पुजारी ने बताया कि सबसे पहले शाम 4 बजे भगवान महाकाल का पूजन किया जाएगा। इसके बाद में चांदी की पालकी में बैठकर नगर का भ्रमण करने के लिए निकलेंगे। भगवान महाकाल को परंपरा अनुसार मुख्य द्वार पर गॉड ऑफ ऑनर दिया जाएगा।
चार लाख भक्त होंगे शामिल
इसके बाद पालकी शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई रामघाट पहुंचेगी, जहां शिप्रा के जल से अभिषेक करने के बाद पालकी एक बार फिर मंदिर के लिए रवाना हो जाएगी। महाकालेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष और उज्जैन कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने बताया की सवारी में चार लाख से ज्यादा भक्तों के शामिल होने की संभावना है। जिसके चलते व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पंडित और पुरोहितों के मुताबिक भगवान महाकाल शाही सवारी के दौरान चन्द्रमोलेश्वर स्वरूप में प्रजा को दर्शन देंगे।
1500 से ज्यादा पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात
पुलिस अधिकारियों ने बताया की सवारी मार्ग में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सवारी मार्ग की ऊंची बिल्डिंग पर टेलिस्कोप से पुलिसकर्मी नजर रखेंगे। इसके अलावा सारी व्यवस्थाओं में 1500 से ज्यादा पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को तैनात किया गया है। सवारी में भीड़ प्रबंधन को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।
सभी स्कूलों की छुट्टी घोषित
उज्जैन कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने शाही सवारी के मध्य नजर सभी निजी और सरकारी स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी है। उज्जैन कलेक्टर की ओर से स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। इस प्रकार की व्यवस्था हर साल बनाई जाती है। शहर में बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं का तांता लग गया है।
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