Kabirdham | छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में आधार बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) की धीमी प्रगति अब स्कूली बच्चों की छात्रवृत्ति और सरकारी योजनाओं के लाभ पर असर डालने लगी है। जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों बच्चों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट अब तक पूरा नहीं हुआ है। इसके चलते छात्रवृत्ति से जुड़े भुगतान और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावित होने की आशंका है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कबीरधाम कलेक्टर ने जिले के सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों (BEO) को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। शिक्षा विभाग की ओर से लंबित मामलों को पूरा कराने के लिए स्कूल स्तर पर विशेष शिविर लगाने की बात कही गई है।
सभी BEO से मांगा गया जवाब
जिले में बच्चों के आधार से जुड़े अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है। सभी BEO को कारण बताओ नोटिस जारी कर यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि MBU की प्रगति कम रहने के लिए जिम्मेदारी किस स्तर पर रही और लंबित मामलों को पूरा करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। शिक्षा विभाग के अनुसार अलग-अलग स्कूलों में विशेष शिविर आयोजित कर बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट कराने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, ग्रामीण और मैदानी क्षेत्रों के कई स्कूलों में अब तक शिविर नहीं लगाए जाने की बात भी सामने आई है।
पंडरिया में सबसे ज्यादा बच्चों का MBU लंबित
कबीरधाम जिले के चारों विकासखंडों में MBU के लंबित मामलों की संख्या सामने आई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पंडरिया में 4,408 बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट लंबित है। इसके बाद कवर्धा में 2,733, बोड़ला में 2,538 और सहसपुर लोहारा में 1,842 बच्चों का MBU पूरा नहीं हुआ है। इन आंकड़ों में अलग-अलग आयु वर्ग के बच्चे शामिल हैं। इनमें 5 से 15 वर्ष की उम्र के 8,317 बच्चे और 15 वर्ष से अधिक उम्र के 3,204 छात्र बताए गए हैं।
20 हजार से अधिक बच्चों का आधार रजिस्ट्रेशन भी अधूरा
जिले में समस्या केवल MBU तक सीमित नहीं है। 20 हजार से अधिक ऐसे बच्चे भी चिन्हित किए गए हैं, जिनका आधार बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन या ई-केवाईसी अब तक पूरा नहीं हुआ है। आधार संबंधी प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं होने पर बच्चों को छात्रवृत्ति सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में दिक्कत आ सकती है। इसके अलावा स्कूली रिकॉर्ड, पहचान सत्यापन और बोर्ड परीक्षा से संबंधित प्रक्रियाओं पर भी इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
छात्रवृत्ति पर क्यों पड़ सकता है असर?
सरकारी योजनाओं में लाभार्थी की पहचान और सत्यापन के लिए आधार से जुड़ी जानकारी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में जिन बच्चों का जरूरी बायोमेट्रिक अपडेट या ई-केवाईसी लंबित है, उनके रिकॉर्ड का सत्यापन प्रभावित हो सकता है। इसी वजह से शिक्षा विभाग बच्चों के आधार संबंधी लंबित कार्यों को जल्द पूरा कराने पर जोर दे रहा है, ताकि छात्रवृत्ति या अन्य सरकारी लाभ की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।
डीईओ ने पालकों से की अपील
जिला शिक्षा अधिकारी एफआर वर्मा ने माना कि जिले में अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट की स्थिति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने बताया कि स्थिति में सुधार के लिए स्कूलों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं और लंबित मामलों को पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों का MBU और आधार से संबंधित जरूरी प्रक्रिया जल्द पूरी कराएं। इससे बच्चों की छात्रवृत्ति और अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़े लाभ में परेशानी की संभावना कम होगी। कलेक्टर की ओर से BEO को नोटिस जारी किए जाने के बाद अब शिक्षा विभाग के सामने लंबित मामलों को तेजी से पूरा कराने और स्कूल स्तर पर शिविरों की संख्या बढ़ाने की चुनौती है।