मध्यप्रदेश के कई जिलों में देर रात हुई तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि से किसानों की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर संभाग के कई जिलों में हुई ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है।कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर प्रभावित जिलों में सर्वे कराने और किसानों को राहत देने की मांग की है। वहीं, सरकार ने किसानों को राहत देने और मुआवजा देने का भरोसा दिया है।
मुख्यमंत्री के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ओलावृष्टि और असमय बारिश से हुए फसल नुकसान का तत्काल आंकलन किया जाए। इसके तहत राजस्व विभाग ने प्रभावित जिलों में सर्वे शुरू कर दिया है। सभी कलेक्टर, तहसीलदार, आरआई और पटवारियों को गांव-गांव जाकर फसल क्षति का आंकलन करने के आदेश दिए गए हैं।
राजस्व मंत्री का बयान
राजस्व मंत्री करण वर्मा ने कहा कि सभी जिलों के कलेक्टरों से 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट मंगाई जा रही है। उन्होंने बताया कि RBC 4 के प्रावधानों के तहत किसानों को मुआवजा मिलेगा
50% से अधिक फसल नुकसान पर – 32,000 रुपए प्रति हेक्टेयर
50% से कम नुकसान पर – 16,000 रुपए प्रति हेक्टेयर
25% से 33% नुकसान पर – 9,500 रुपए प्रति हेक्टेयर
उज्जैन में सर्वे शुरू
उज्जैन कलेक्टर ने बताया कि मंगलवार रात आई आंधी, तूफान और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया गया है। राजस्व अमले को निर्देश दिए गए हैं कि वे मौके पर जाकर फसल क्षति का आंकलन करें और रिपोर्ट तैयार करें।
जीतू पटवारी ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पत्र में कहा कि प्रदेशभर से प्राप्त जानकारी और किसानों से संवाद के आधार पर स्पष्ट है कि गेहूं, चना, मसूर और सरसों जैसी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। कई खेतों में कटाई के लिए कुछ ही सप्ताह बाकी थे, लेकिन ओलावृष्टि ने किसानों के सामने फसल बर्बाद होने का संकट खड़ा कर दिया है।उन्होंने प्रभावित जिलों में तत्काल गिरदावरी और सर्वे करवाने, फसल नुकसान का वास्तविक आंकलन करने और किसानों को त्वरित मुआवजा देने की मांग की है।
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