रायपुर। राजधानी रायपुर के सबसे लोकप्रिय घूमने-फिरने वाले स्थल तेलीबांधा तालाब (मरीन ड्राइव) पर अब वाहन खड़ा करना मुफ्त नहीं रहेगा। रायपुर नगर निगम ने यहां पार्किंग शुल्क लागू करने का फैसला लिया है। अब दोपहर 12 बजे के बाद आने वाले लोगों को अपनी गाड़ी पार्क करने के लिए निर्धारित शुल्क चुकाना होगा। हालांकि सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए आने वालों को छूट दी गई है।
नगर निगम का कहना है कि बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं, लेकिन अव्यवस्थित पार्किंग के कारण ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है। इसी को देखते हुए यह व्यवस्था लागू की जा रही है। वहीं इस फैसले पर विपक्ष ने निगम पर राजस्व वसूली का आरोप लगाया है।
क्या रहेगा नया पार्किंग नियम?
- दोपहर 12 बजे तक पार्किंग रहेगी फ्री
- 12 बजे के बाद लिया जाएगा शुल्क
- चार पहिया वाहन (4 घंटे तक) – ₹20
- दो पहिया वाहन (12 घंटे तक) – ₹10
- मॉर्निंग वॉक करने वालों से कोई शुल्क नहीं
- सुरक्षा की जिम्मेदारी नहीं
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि शुल्क लेने के बावजूद अगर वाहन चोरी होता है या उसे कोई नुकसान पहुंचता है तो उसकी जिम्मेदारी नगर निगम नहीं लेगा। यानी लोग पैसा भी देंगे और जोखिम भी खुद उठाएंगे।
महापौर ने क्या कहा
रायपुर की महापौर मीनल चौबे के मुताबिक, “मरीन ड्राइव में रोज बड़ी संख्या में लोग आते हैं। सही तरीके से पार्किंग नहीं होने से जाम लगता है। यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए यह निर्णय लिया गया है। सुबह वॉक करने वालों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, शुल्क दोपहर 12 बजे के बाद ही लगेगा।”
कांग्रेस ने उठाए सवाल
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने फैसले का विरोध करते हुए कहा कि “नगर निगम सिर्फ राजस्व वसूली कर रहा है। सिर्फ रायपुर ही नहीं, प्रदेश के कई नगर निगमों के पास बजट की कमी है, इसलिए जनता से पैसा लिया जा रहा है।”
आम लोगों की चिंता
तेलीबांधा तालाब को अब तक शहर का फ्री फैमिली ज़ोन माना जाता रहा है, जहां लोग परिवार के साथ समय बिताने और चौपाटी का आनंद लेने आते थे। अब लोगों के मन में सवाल है कि जब पार्किंग के पैसे लिए जा रहे हैं तो वाहन की सुरक्षा की जिम्मेदारी क्यों नहीं तय की जा रही।ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के नाम पर उठाया गया यह कदम क्या आगे चलकर आम परिवारों के लिए यहां घूमना महंगा बना देगा, यह आने वाले समय में साफ होगा।
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