मुंबई - अभिनेत्री तनीषा मुखर्जी की एक सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों चर्चा में है। काजोल की बहन तनीषा ने X पर एक पोस्ट साझा करते हुए उन लोगों की सोच पर सवाल उठाए, जिन्हें उन्होंने पढ़ा-लिखा और एलीट वर्ग का बताया। उनकी पोस्ट में सरकार का समर्थन करने वालों और सरकार की आलोचना करने वालों के प्रति समाज के अलग-अलग रवैये पर बात की गई है।
तनीषा ने लिखा कि सरकार का समर्थन करने वाले लोगों को कई बार ‘अंधभक्त’ या ‘अनपढ़’ कहकर संबोधित किया जाता है, जबकि सरकार का विरोध करने वालों को ‘कूल’ और जागरूक समझा जाता है। उनकी इस टिप्पणी को मौजूदा राजनीतिक माहौल और सोशल मीडिया पर चल रही बहस से जोड़कर देखा जा रहा है।

देश की समस्याओं को स्वीकार करने की बात
अपनी पोस्ट में तनीषा ने यह भी कहा कि देश में समस्याएं मौजूद हैं और उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, उनके मुताबिक बदलाव एक प्रक्रिया है और इसके लिए समय लगता है। उन्होंने लोगों से पिछले 10 वर्षों में हुए बदलावों पर भी ध्यान देने की अपील की। अभिनेत्री की बात का मुख्य जोर इस पर रहा कि किसी भी सरकार या व्यवस्था का आकलन करते समय केवल आलोचना या समर्थन के आधार पर निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। हर मुद्दे को तथ्यों और तर्कों की कसौटी पर परखना जरूरी है।

मीडिया से प्रभावित होकर राय न बनाने की अपील
तनीषा मुखर्जी ने लोगों से यह भी कहा कि मीडिया में दिखाई जाने वाली बातों से प्रभावित होकर अपनी स्वतंत्र सोच नहीं खोनी चाहिए। उनका संदेश था कि किसी मुद्दे पर राय बनाने से पहले उपलब्ध जानकारी को समझना और अलग-अलग पहलुओं पर विचार करना जरूरी है। सोशल मीडिया पर राजनीतिक मुद्दों को लेकर अक्सर अलग-अलग विचार सामने आते हैं। ऐसे में तनीषा की पोस्ट ने एक बार फिर इस बात पर चर्चा छेड़ दी है कि सरकार के समर्थन या विरोध के आधार पर किसी व्यक्ति की समझ और जागरूकता का आकलन करना कितना उचित है।

किसी खास प्रदर्शन का नहीं किया उल्लेख
तनीषा की पोस्ट ऐसे समय सामने आई है, जब CJP आंदोलन को लेकर चर्चा हो रही है। हालांकि, उन्होंने अपने संदेश में किसी विशेष प्रदर्शन या आंदोलन का स्पष्ट नाम नहीं लिया। इसलिए उनकी टिप्पणी को सीधे किसी एक प्रदर्शन से जोड़ना उचित नहीं होगा।
फिलहाल, उनकी पोस्ट चर्चा का विषय बनी हुई है। इस बयान के जरिए तनीषा ने राजनीतिक विचारों के प्रति खुले नजरिए, स्वतंत्र सोच और तथ्यों के आधार पर राय बनाने की जरूरत पर जोर दिया है।