कैंसर की रोकथाम के लिए खाना बनाते समय ऐसे तेल का इस्तेमाल करना जरोरी है जिसमें हानिकारक यौगिक न हों। हालांकि कोई भी तेल पूरी तरह से 'कैंसर-फ्री' नहीं है लेकिन तेल बनाने का तरीका या मिलावट की वजह से कैंसर होने का जोखिम बढ़ जाता है। कई बार तेल को ज्यादा गर्म करना, बार-बार इस्तेमाल करना आदि से भी कैंसर होने का खतरा होता है।
अगर आप कैंसर से बचना चाहते हैं, तो आपको खाने के लिए सही तेल का चयन करना जरूरी है। सवाल यह है कि स्वास्थ्य और पोषण के लिए सबसे अच्छा खाने का तेल कौन सा है? बहुत से लोग सरसों के तेल को ज्यादा बेहतर मानते हैं जबकि विज्ञापन कंपनियां रिफाइंड ऑयल को सबसे बेस्ट बताती हैं।
अखरोट का तेल
ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर अखरोट का तेल अपने एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों की वजह से भी जाना जाता है। यह कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। इसका उपयोग सलाद, ड्रेसिंग या पकाए हुए व्यंजनों पर छिड़कने के लिए किया जाना चाहिए।
फ्लैक्ससीड ऑयल
फ्लैक्ससीड ऑयल ओमेगा-3 फैटी एसिड का बढ़िया स्रोत है और इसमें एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं और यह कैंसर से सुरक्षा देता है। यह खाना पकाने के लिए उपयुक्त नहीं है लेकिन सलाद या स्मूथी जैसे ठंडे व्यंजनों में इस्तेमाल किया जा सकता है।
नारियल तेल
नारियल तेल ज्यादा तापमान पर स्थिर होता है और यह हानिकारक ट्रांसफैट से मुक्त होता है और इसमें एंटीऑक्सिडेंट होते हैं जो कैंसर के खिलाफ सुरक्षात्मक लाभ देते हैं। इसका उपयोग तलने और बेकिंग के लिए किया जाना चाहिए।
एवोकाडो ऑयल
एवोकाडो का तेल हेल्दी मोनोअनसैचुरेटेड फैट और विटामिन ई और एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होता है। इसका स्मोक पॉइंट अधिक होता है, जो इसे गर्म होने पर हानिकारक यौगिकों का उत्पादन करने की कम संभावना बनाता है। यह अधिक गर्मी वाले खाना पकाने, तलने और ग्रिलिंग के लिए बेहतर है।
एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल
ओलिव ऑयल मोनोअनसैचुरेटेड फैट और पॉलीफेनोल्स जैसे एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होता है, जिनमें एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। अध्ययनों से पता चला है कि जैतून के तेल का सेवन कुछ कैंसर, विशेषकर ब्रेस्ट कैंसर के कम जोखिम से जुड़ा है। इसका उपयोग कम आंच पर खाना पकाने और सलाद के लिए किया जाना चाहिए।
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