गोरखा: नेपाल के गोरखा जिले की चुमनुब्री ग्रामीण नगर पालिका में बाढ़ से जनजीवन प्रभावित हुआ है। न्याकचेत और फिलिम बाजार को जोड़ने वाला पुल बह गया है। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए प्रशासन ने हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं।
नेपाल में एक बार फिर बाढ़ ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गोरखा जिले की चुमनुब्री ग्रामीण नगर पालिका में बाढ़ की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के प्रयास में जुटी हैं।
बाढ़ में बहा न्याकचेत और फिलिम बाजार को जोड़ने वाला पुल
चुमनुब्री ग्रामीण नगर पालिका के वार्ड नंबर 3 में न्याकचेत और फिलिम बाजार को जोड़ने वाला एक पुल बाढ़ के पानी में बह गया है। इस घटना से दोनों क्षेत्रों के बीच आवागमन प्रभावित हुआ है। बाढ़ के कारण इलाके में लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
घाट्टे खोला इलाके के घरों में घुसा पानी
घाट्टे खोला क्षेत्र में कई घरों में मलबे और कीचड़ से भरा बाढ़ का पानी घुस गया है। इसके साथ ही नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ने की आशंका है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
राहत और बचाव कार्य में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां
बाढ़ की सूचना मिलने के बाद नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गए हैं। प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और जरूरतमंदों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए हेलीकॉप्टर भी तैनात किए गए हैं।
नेपाल के गृह मंत्री की लोगों से अपील
नेपाल के गृह मंत्री ने नदी के आसपास रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने और खतरे को देखते हुए सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। उन्होंने लोगों से धैर्य बनाए रखने, प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और किसी भी तरह का अनावश्यक जोखिम नहीं उठाने का आग्रह किया है।
आपातकालीन सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए नेपाल के गृह मंत्रालय की ओर से हेल्पलाइन नंबर 1234 जारी किए जाने की जानकारी दी गई है। आपात स्थिति में प्रभावित लोग इस नंबर पर संपर्क कर सहायता मांग सकते हैं।
फिलहाल, बढ़ते जलस्तर के बीच प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं। लोगों की सुरक्षा और उन्हें समय पर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।