कोलकाता डेस्क: सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए भीषण हमले ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इस हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मृतकों में सऊदी अरब समेत सात अन्य देशों के नागरिक भी शामिल हैं। भारत ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए आम नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया है।
भारत ने क्या कहा?
भारत के विदेश मंत्रालय ने रविवार, 11 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बार-बार हो रहे हमलों की निंदा की। मंत्रालय ने 10 अक्टूबर को हुए हमले को बेहद निंदनीय बताते हुए कहा कि इन घटनाओं में लोगों की जान गई है, कई लोग घायल हुए हैं और संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।
भारत ने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों और नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाने वाले ऐसे हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और इन्हें तत्काल रोका जाना चाहिए। भारत ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
सऊदी अरब के साथ भारत ने जताई एकजुटता
भारत ने इस मुश्किल समय में सऊदी अरब की जनता और वहां की सरकार के साथ एकजुटता व्यक्त की। विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा के प्रति समर्थन जताते हुए उम्मीद व्यक्त की कि क्षेत्र में जल्द शांति और सामान्य स्थिति बहाल होगी। भारत का यह बयान ऐसे समय आया है, जब सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष तेज होता दिखाई दे रहा है।
आठ देशों के नागरिकों की गई जान
सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार, मृतकों में सऊदी अरब के चार नागरिक, बांग्लादेश के दो नागरिक और अमेरिका, जॉर्डन, फिलिस्तीन, सीरिया, सूडान तथा मिस्र का एक-एक नागरिक शामिल है। इस तरह हमले में कुल आठ देशों के नागरिकों की मौत हुई है। घायलों की संख्या 309 बताई गई है और इनमें कुछ की हालत गंभीर है।
इस सप्ताह तीसरी बार निशाने पर आया रियाद एयरपोर्ट
रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इस सप्ताह यह तीसरा हमला बताया जा रहा है। इससे पहले हुए दो हमलों में चार लोगों की मौत हुई थी और हवाई अड्डे पर खड़े सऊदी अरब के एक यात्री विमान को भी भारी नुकसान पहुंचा था। लगातार हो रहे हमलों ने सऊदी अरब की हवाई सुरक्षा और नागरिक विमानन व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हूती विद्रोहियों पर हमले का आरोप, उड़ानें प्रभावित
इस हमले के लिए ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया गया है। सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने हमले के जवाब में कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों में हूती विद्रोहियों की ओर से इस विशेष हमले की जिम्मेदारी स्वीकार किए जाने की स्थिति स्पष्ट नहीं थी।
हमले के बाद सुरक्षा कारणों से हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया और विमानों को दूसरे हवाई अड्डों की ओर भेजा गया। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब की सैन्य कार्रवाई में अमेरिका के शामिल होने की संभावना पर विचार करने की बात कही।