टीकमगढ़ | बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा के टीकमगढ़ पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने जगह-जगह भव्य स्वागत किया। 11 अक्टूबर से शुरू हुई यह यात्रा सागर, शाहगढ़ और घुवारा होते हुए बुधवार देर रात बड़ागांव धसान, समर्रा और पपौरा चौराहा के रास्ते पीजी कॉलेज परिसर पहुंची। यात्रा के दौरान आतिशबाजी, पुष्पवर्षा और मंगल कलश के साथ अगवानी की गई।
धीरेंद्र शास्त्री ने दिया हिंदू एकता का संदेश
टीकमगढ़ के पीजी कॉलेज परिसर में आयोजित धर्मसभा और संक्षिप्त दिव्य दरबार में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदुओं से एकजुट और संगठित रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज को जाति-पाति के भेदभाव से ऊपर उठकर एकता बनाए रखनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने नारा दिया, “जाति-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई।”
बेटियों की सुरक्षा और शिक्षा पर दिया जोर
धर्मसभा में धीरेंद्र शास्त्री ने बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और सामाजिक समरसता पर भी विचार रखे। उन्होंने बेटियों से पढ़-लिखकर आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर और इंजीनियर बनने की अपील की। साथ ही कहा कि वे अपनी पहचान और परिवार के सम्मान को महत्व दें। उन्होंने बेटियों को दुर्गा और काली के स्वरूप के रूप में सशक्त बनने का संदेश दिया।
युवाओं से नशा छोड़ने की अपील
धीरेंद्र शास्त्री ने युवाओं से शराब और अन्य नशे से दूर रहने तथा नशामुक्त समाज बनाने में योगदान देने की अपील की। गरबा पंडालों की सुरक्षा के संदर्भ में उन्होंने मुख्य द्वार पर भगवान विष्णु के वराह अवतार की प्रतिमा स्थापित करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि वे साधु हैं, नेता नहीं, और उनका उद्देश्य सनातन समाज को एकजुट करना है।
25 हजार श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था
आयोजकों के अनुसार, मध्य प्रदेश के अलावा बिहार, पंजाब, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा से करीब 25 हजार श्रद्धालु कार्यक्रम में पहुंचे। बागेश्वर धाम शिष्य मंडल की ओर से श्रद्धालुओं के लिए भोजन और विश्राम की व्यवस्था की गई थी। यात्रा का समापन देर रात छतरपुर पहुंचकर हुआ।
10 सेक्टरों में सुरक्षा व्यवस्था
यात्रा और धर्मसभा को लेकर पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह कुशवाह के नेतृत्व में 10 सुरक्षा सेक्टर बनाए गए। आयोजन में 260 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान, महिला पुलिसकर्मी तथा विशेष बल तैनात रहे। यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए शहर में 23 डायवर्सन पॉइंट और चार पार्किंग स्थल बनाए गए थे।