मध्य प्रदेश। सीहोर जिले के बुधनी क्षेत्र के कोसमी में आदिवासियों के मकान तोड़े जाने का मामला लगातार चर्चा में है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की बैठक के बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर कलेक्टर के. बालागुरु रात में कोनझीर पहुंचकर प्रभावित आदिवासी परिवारों से मिले।
प्रभावित परिवारों से मिले कलेक्टर
मिली जानकारी के मुताबिक, कलेक्टर के. बालागुरु ने रात में आदिवासी परिवारों से मुलाकात कर उनकी स्थिति जानी। प्रभावित परिवारों को बस से वापस उनके घर पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई। इस घटनाक्रम के बाद मामले में प्रशासन की भूमिका और प्रभावित परिवारों को मिलने वाली राहत पर सबकी नजर है।
मुख्यमंत्री का निर्देश—आदिवासियों को परेशान न करें
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए हैं कि किसी भी आदिवासी को परेशान नहीं किया जाए और जो जहां स्थापित है, उसे वहीं रहने दिया जाए। हालांकि, इन निर्देशों के आधिकारिक विवरण और प्रभावित परिवारों के आवास को लेकर अंतिम निर्णय की पुष्टि अभी जरूरी है।
सरकार के सामने प्रभावित परिवारों को राहत देने की चुनौती
कोसमी में मकान तोड़े जाने का मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक रूप से संवेदनशील बन गया है। शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री मोहन यादव की बैठक के बाद कलेक्टर का रात में प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचना इस मामले में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। अब सवाल यह है कि प्रभावित परिवारों को स्थायी राहत कब तक मिलेगी और उनके आवास को लेकर सरकार क्या ठोस व्यवस्था करेगी।