लखनऊ | समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जब बीजेपी को जनता के बीच अपनी स्थिति कमजोर नजर आती है या हार का डर सताता है, तब वह चुनाव आयोग की आड़ लेने लगती है। अखिलेश यादव ने मतदाता सूची और वोटर पंजीकरण की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।
BJP और चुनाव आयोग पर लगाए आरोप
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर देश के लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के अधिकारों के साथ धोखा कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची और वोटर पंजीकरण से जुड़ी प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हो रही हैं। सपा प्रमुख ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है। उनके मुताबिक, मताधिकार से जुड़े मामलों में कथित गड़बड़ियां लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं।
2022 से चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही सपा
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी वर्ष 2022 से ही चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग बीजेपी के इशारे पर काम कर रहा है। सपा प्रमुख ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि कुछ मामलों में मतदाता पंजीकरण को लेकर अलग-अलग रवैया अपनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के जरिए मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
मतदाता सूची और निष्पक्ष चुनाव का मुद्दा उठाया
अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक के मताधिकार की रक्षा होना जरूरी है। उन्होंने चुनाव आयोग से जुड़ी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया। हालांकि, बीजेपी और चुनाव आयोग पर लगाए गए ये आरोप अखिलेश यादव के दावे हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि के लिए संबंधित साक्ष्यों और बीजेपी व चुनाव आयोग का पक्ष सामने आना जरूरी है।