टीकमगढ़ | बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने टीकमगढ़ में अपनी यात्रा को राजनीतिक नहीं, बल्कि ‘राम नैतिक’ बताया। उन्होंने हिंदू एकता, सामाजिक भेदभाव और शराबबंदी जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी। शास्त्री ने बुंदेलखंड में छुआछूत को हिंदू समाज के बंटवारे की वजह बताते हुए लोगों से आपसी भेदभाव छोड़कर एकजुट रहने की अपील की।
छुआछूत छोड़कर एकजुट होने का संदेश
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि हिंदू समाज की सच्ची एकता केवल बातों से नहीं, बल्कि मुश्किल समय में एक-दूसरे के साथ खड़े होने से दिखाई देती है। उन्होंने बुंदेलखंड में छुआछूत जैसी सामाजिक बुराइयों को एकता के रास्ते की बाधा बताया और लोगों से भेदभाव खत्म करने की अपील की।
शराबबंदी के लिए युवाओं से आगे आने की अपील
धीरेंद्र शास्त्री ने टीकमगढ़ के लोगों से शराब छोड़ने और गांवों में शराबबंदी के लिए पहल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब युवा अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतर सकते हैं, तो समाज को शराब के नुकसान से बचाने के लिए भी आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने लोगों से व्यक्तिगत स्तर पर शराब छोड़ने के साथ-साथ गांवों में जागरूकता बढ़ाने और सामाजिक सहयोग से इस दिशा में काम करने की अपील की।
बोले- यात्रा राजनीतिक नहीं, ‘राम नैतिक’ है
अपनी यात्रा को लेकर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य राजनीति नहीं, बल्कि धार्मिक और सामाजिक जागरूकता है। उन्होंने इसे ‘राम नैतिक’ यात्रा बताते हुए अपने अभियान को राम और हिंदू समाज से जुड़े संदेशों पर केंद्रित बताया।
विरोध को लेकर भी दिया बयान
धीरेंद्र शास्त्री ने अपने विरोध को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उनके विरोध में हिंदू ही आगे आते हैं, जबकि मुस्लिम समुदाय के लोग उन पर फूल बरसाते हैं। उनका यह बयान भी चर्चा का विषय बना हुआ है। टीकमगढ़ में दिए गए इन बयानों के जरिए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदू एकता, सामाजिक समानता और शराबबंदी जैसे मुद्दों पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया।