वाराणसी | उत्तर प्रदेश। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में आयोजित स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में प्राचीन काशी की तस्वीर बदल गई है। शहर में विकास के साथ-साथ उसकी सांस्कृतिक विरासत को भी संरक्षित किया जा रहा है। सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले काशी की संकरी गलियों में गंदगी के ढेर दिखाई देते थे। सड़कों पर बेसहारा मवेशियों की समस्या थी और लोगों को बिजली की परेशानी का सामना करना पड़ता था। शहर में जाम की समस्या इतनी आम थी कि लोग इसे अपनी नियति मानने लगे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज काशी नए स्वरूप और नई आभा के साथ आगे बढ़ रही है। शहर में बुनियादी सुविधाओं के विकास के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
स्वच्छता के लिए समाज की जागरूकता जरूरी
सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्वच्छता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सरकार विकास कार्य करा सकती है, लेकिन उन कार्यों की सुरक्षा और संरक्षण की जिम्मेदारी जागरूक समाज की होती है। यदि नागरिक अपने आसपास की व्यवस्था और सार्वजनिक संपत्ति के प्रति सजग नहीं होंगे, तो बड़े से बड़ा निर्माण भी समय के साथ खराब हो सकता है। उन्होंने कहा कि शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। इसमें आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।
विकास के साथ विरासत का संरक्षण जरूरी
मुख्यमंत्री ने काशी में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक रहने और शहर को साफ-सुथरा बनाए रखने में अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया। सीएम योगी के मुताबिक, स्वच्छ और व्यवस्थित शहर के निर्माण में सरकार के प्रयासों के साथ समाज की जागरूकता और सहयोग की अहम भूमिका होती है।