भोपाल | मध्य प्रदेश में लगातार चुनावी हार का सामना कर रही कांग्रेस ने अपनी कमजोर विधानसभा सीटों पर जीत हासिल करने के लिए नई रणनीति तैयार की है। पार्टी ने ऐसी सीटों को डी-ग्रेड श्रेणी में रखकर विशेष माइक्रो-प्लानिंग शुरू की है। कांग्रेस की आंतरिक समीक्षा के मुताबिक, पहले चरण में करीब 18 विधानसभा सीटों को इस रणनीति में शामिल किया गया है। इनमें बुधनी, भोजपुर, गोविंदपुरा, हुजूर और खातेगांव जैसी सीटें शामिल हैं, जिन्हें भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है। कांग्रेस का लक्ष्य इन सीटों पर बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना और मतदाताओं से सीधा संपर्क बढ़ाना है। इसके लिए चुनावी रैलियों पर निर्भर रहने के बजाय पंचायत, वार्ड और बूथ स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों को प्राथमिकता दी जा रही है।
विदिशा को बनाया गया पायलट प्रोजेक्ट
कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले विदिशा को इस रणनीति के लिए पायलट प्रोजेक्ट बनाया है। यहां बॉटम-अप अप्रोच के तहत जमीनी स्तर से संगठन को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। योजना के तहत पंचायत और वार्ड कमेटियों के गठन के बाद कार्यकर्ताओं की टीमें घर-घर जाकर मतदाता सूची का भौतिक सत्यापन कर रही हैं। पार्टी का जोर मतदाताओं से संपर्क बढ़ाने, स्थानीय समस्याओं को समझने और बूथ स्तर पर संगठन की कमियों को दूर करने पर है।
18 कमजोर सीटों पर अलग रणनीति
कांग्रेस की आंतरिक समीक्षा में पहले चरण के लिए करीब डेढ़ दर्जन विधानसभा सीटों को चुना गया है। बुधनी, भोजपुर, गोविंदपुरा, हुजूर और खातेगांव जैसी सीटों पर पार्टी विशेष रणनीति के साथ काम करेगी। इन सीटों पर भाजपा की लगातार जीत के कारण कांग्रेस संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की जरूरत महसूस कर रही है। पार्टी की योजना के मुताबिक, स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारियां तय करने, कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने और मतदाता सूची की जांच जैसे कदमों के जरिए चुनावी तैयारी को मजबूत किया जाएगा।
जेपी धनोपिया बोले- ग्राउंड जीरो पर काम कर रही कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जेपी धनोपिया ने कहा कि पार्टी इस बार विधानसभा चुनाव की तैयारी में पहले से जुट गई है। उन्होंने बताया कि ग्राउंड जीरो की नीति लागू की जा रही है और प्रदेश की करीब 18 सीटों के लिए माइक्रो-प्लान तैयार किया गया है। धनोपिया के मुताबिक, डी-ग्रेड सीटों के लिए अलग रणनीति बनाई गई है। इसी मॉडल के आधार पर प्रदेश की अन्य कमजोर सीटों पर भी संगठन को माइक्रो लेवल पर मजबूत करने का काम किया जाएगा। कांग्रेस को उम्मीद है कि जमीनी स्तर पर संगठन मजबूत होने से भाजपा के कब्जे वाली सीटों पर भी पार्टी अपनी स्थिति बेहतर कर सकेगी।
भाजपा का पलटवार- कांग्रेस सिर्फ प्लानिंग और बयानों तक सीमित
कांग्रेस की रणनीति पर भाजपा ने निशाना साधा है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता कल्पेश ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस मुंगेरीलाल के हसीन सपने देख रही है। उनके मुताबिक, जनाधार खो चुकी कांग्रेस केवल प्लानिंग और बयानों में दिखाई देती है। ठाकुर ने कहा कि अगर कांग्रेस लगातार चुनाव हार रही है, तो उसे आत्मचिंतन करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि जनता के बीच विश्वास कायम किए बिना चुनाव जीतना संभव नहीं है।
मध्य प्रदेश में बूथ स्तर की रणनीति पर बढ़ा जोर
कांग्रेस की नई योजना से साफ है कि पार्टी कमजोर सीटों पर चुनाव से पहले संगठनात्मक तैयारी को प्राथमिकता देना चाहती है। अब देखना होगा कि विदिशा में शुरू किया गया पायलट प्रोजेक्ट और बूथ स्तर की माइक्रो-प्लानिंग आगामी चुनावों में पार्टी को कितना फायदा पहुंचाती है। वहीं, भाजपा ने कांग्रेस की इस कवायद को लेकर सवाल उठाए हैं।