दुर्ग | छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में साइबर ठगी की रकम के लेनदेन के लिए कमीशन के लालच में बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले सात आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान आरोपियों के बैंक खातों के माध्यम से लाखों रुपये के लेनदेन का खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम को एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। यह कार्रवाई थाना सुपेला, खुर्सीपार और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने की। पुलिस इस मामले में अब तक कुल 40 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
कमीशन के लालच में उपलब्ध कराए बैंक खाते
जांच में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर कमीशन पाने के लालच में अपने बैंक खाते साइबर ठगी से जुड़े लेनदेन के लिए उपलब्ध करा रहे थे। इन खातों के जरिए ठगी से प्राप्त रकम को ट्रांसफर किया जाता था, जिससे साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले पैसों की आवाजाही होती थी।
लाखों रुपये के लेनदेन का खुलासा
पुलिस की जांच में आरोपियों के बैंक खातों से लाखों रुपये के लेनदेन की जानकारी सामने आई है। मामले में बैंक खातों और उनसे जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच की जा रही है, ताकि साइबर ठगी की रकम के स्रोत और उसके आगे किए गए ट्रांसफर का पता लगाया जा सके।
संयुक्त टीम ने की कार्रवाई, अब तक 40 गिरफ्तार
दुर्ग पुलिस ने थाना सुपेला, खुर्सीपार और एसीसीयू की संयुक्त टीम के माध्यम से सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इस प्रकरण में अब तक कुल 40 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों और वित्तीय लेनदेन की कड़ियों की जांच कर रही है। साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों के जरिए रकम कहां-कहां भेजी गई, इसका पता लगाने के लिए आगे की कार्रवाई जारी है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे कमीशन या आसान कमाई के लालच में अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक या बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को उपलब्ध न कराएं। ऐसे खातों का इस्तेमाल साइबर अपराध में होने पर खाताधारक भी कानूनी जांच के दायरे में आ सकता है।