दिल्ली | विमान में पावरबैंक से आग लगने की घटना के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़ा कदम उठाया है। नियामक ने MOBIKINS MK-PB-04 मॉडल के पावरबैंक को भारत के भीतर संचालित होने वाली और भारत आने-जाने वाली सभी उड़ानों में ले जाने या कार्गो के रूप में परिवहन करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला रविवार को दिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट में पावरबैंक से जुड़ी आग की घटना के बाद लिया गया। इस घटना के कारण विमान को हैदराबाद की ओर डायवर्ट करना पड़ा था। DGCA के इस निर्देश के बाद एयरलाइंस को प्रभावित पावरबैंक मॉडल की पहचान करने, उसे विमान में ले जाने से रोकने और यात्रियों को संबंधित सुरक्षा नियमों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। यात्रियों को भी यात्रा से पहले अपने पावरबैंक का मॉडल नंबर जांचने और एयरलाइन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
इंडिगो की फ्लाइट में क्या हुआ था?
जानकारी के अनुसार, दिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो की फ्लाइट में पावरबैंक से संबंधित आग लगने की घटना सामने आई थी। स्थिति को देखते हुए विमान का मार्ग बदलकर उसे हैदराबाद की ओर मोड़ना पड़ा। विमान में लिथियम-आयन बैटरी से जुड़ी आग की घटनाओं को गंभीर सुरक्षा जोखिम माना जाता है, क्योंकि बैटरी से धुआं निकलने, अत्यधिक गर्मी पैदा होने और आग फैलने का खतरा हो सकता है। इसी घटना के बाद DGCA ने संबंधित पावरबैंक मॉडल को लेकर विशेष प्रतिबंध जारी किया। इस कदम का उद्देश्य विमान में बैटरी से जुड़ी दुर्घटनाओं की आशंका को कम करना और यात्रियों तथा चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
DGCA प्रमुख वीर विक्रम यादव ने एयरलाइंस को दिए निर्देश
DGCA प्रमुख वीर विक्रम यादव ने एयरलाइंस को निर्देश दिया है कि MOBIKINS MK-PB-04 मॉडल के पावरबैंक को किसी भी यात्री के सामान या कार्गो के रूप में विमान में ले जाने की अनुमति न दी जाए।
निर्देशों के तहत एयरलाइंस को निम्नलिखित कदम उठाने होंगे:
- प्रभावित पावरबैंक मॉडल की पहचान करना और उसे विमान में ले जाने से रोकना।
- यात्रियों को इस प्रतिबंध के बारे में उचित माध्यमों से जानकारी देना।
- बैटरी से जुड़ी आग, धुआं या अन्य आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए केबिन क्रू को प्रशिक्षित करना।
- लिथियम बैटरी से संबंधित किसी भी घटना की जानकारी नियामक को देना।
- विमान में बैटरी सुरक्षा से जुड़े निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करना।
- इन निर्देशों का उद्देश्य केवल घटना के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि उड़ान के दौरान ऐसी परिस्थितियों को उत्पन्न होने से रोकना भी है।
क्या सभी पावरबैंक पर प्रतिबंध लगा दिया गया है?
नहीं। DGCA का यह प्रतिबंध विशेष रूप से MOBIKINS MK-PB-04 मॉडल पर लागू है। इसका अर्थ यह नहीं है कि सभी कंपनियों के पावरबैंक पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। हालांकि, यात्रियों को यह समझना जरूरी है कि अन्य पावरबैंक ले जाने पर भी विमानन सुरक्षा नियम लागू होते हैं। इसलिए यात्रा से पहले अपने डिवाइस का मॉडल नंबर, बैटरी क्षमता और संबंधित एयरलाइन के नियमों की जांच कर लेना बेहतर है। यदि किसी यात्री के पास MOBIKINS MK-PB-04 मॉडल है, तो उसे भारत के भीतर या भारत आने-जाने वाली उड़ान में यह पावरबैंक साथ नहीं ले जाना चाहिए। इसे चेक-इन बैगेज में रखकर ले जाने का विकल्प भी इस प्रतिबंध के तहत स्वीकार्य नहीं होगा।
विमान में पावरबैंक ले जाने के क्या हैं नियम?
पावरबैंक में आमतौर पर लिथियम-आयन बैटरी होती है। इन बैटरियों में ऊर्जा अधिक मात्रा में संग्रहित रहती है, लेकिन क्षतिग्रस्त होने या खराबी आने पर इनके गर्म होने और आग लगने का खतरा पैदा हो सकता है। DGCA के मौजूदा सुरक्षा निर्देशों के अनुसार, पावरबैंक और अतिरिक्त लिथियम बैटरियों को सामान्यतः हैंड बैगेज में ही ले जाने की अनुमति होती है। इन्हें चेक-इन बैगेज में रखने की अनुमति नहीं होती। इसके अतिरिक्त, पावरबैंक को ओवरहेड कम्पार्टमेंट में रखने पर भी प्रतिबंध संबंधी निर्देश लागू हैं। यात्रियों को यह भी सलाह दी गई है कि वे उड़ान के दौरान पावरबैंक का इस्तेमाल करके मोबाइल फोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस चार्ज न करें। इसमें विमान की सीट पर उपलब्ध पावर आउटलेट का इस्तेमाल भी शामिल है, यदि उससे पावरबैंक चार्ज किया जा रहा हो। पावरबैंक से जुड़े नियमों का पालन करना इसलिए जरूरी है, क्योंकि किसी बैटरी में खराबी आने पर उसे तुरंत पहचानना और सुरक्षित तरीके से संभालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
पावरबैंक में आग लगने का खतरा क्यों रहता है?
लिथियम-आयन बैटरियों का इस्तेमाल मोबाइल फोन, लैपटॉप, टैबलेट और पावरबैंक सहित कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में किया जाता है। सामान्य परिस्थितियों में ये बैटरियां सुरक्षित होती हैं, लेकिन कुछ स्थितियों में जोखिम बढ़ सकता है।
बैटरी में आग या खराबी के प्रमुख कारण हो सकते हैं:
- बैटरी का क्षतिग्रस्त होना: गिरने, दबने या किसी अन्य प्रकार की भौतिक क्षति से बैटरी के अंदर खराबी आ सकती है।
- अत्यधिक गर्म होना: लगातार गर्मी या अनुचित उपयोग के कारण बैटरी का तापमान बढ़ सकता है।
- निर्माण संबंधी दोष: बैटरी या डिवाइस में निर्माण के दौरान हुई खराबी सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकती है।
- अनुचित चार्जिंग: गलत या खराब चार्जिंग उपकरण का इस्तेमाल बैटरी को नुकसान पहुंचा सकता है।
- बैटरी का पुराना या खराब होना: समय के साथ बैटरी की स्थिति बिगड़ सकती है, जिससे उसके असामान्य व्यवहार का खतरा बढ़ता है।
- बैटरी के अंदर तापमान तेजी से बढ़ने की स्थिति को थर्मल रनअवे कहा जाता है। ऐसी स्थिति में आग, धुआं और जहरीली गैसें निकलने का जोखिम हो सकता है।विमान में इस तरह की घटना विशेष रूप से गंभीर होती है, क्योंकि केबिन में धुआं यात्रियों के लिए परेशानी पैदा कर सकता है और चालक दल को तत्काल सुरक्षा संबंधी कदम उठाने पड़ सकते हैं।
फ्लाइट में पावरबैंक गर्म हो जाए तो क्या करें?
यदि उड़ान के दौरान आपका मोबाइल फोन, पावरबैंक या कोई अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण असामान्य रूप से गर्म हो जाए, उसमें से धुआं निकलने लगे या जलने जैसी गंध आए, तो तुरंत केबिन क्रू को इसकी जानकारी दें।
ऐसी स्थिति में यात्रियों को निम्नलिखित सावधानियां बरतनी चाहिए:
- तुरंत केबिन क्रू को सूचित करें और उनके निर्देशों का पालन करें।
- धुआं निकल रहे या अत्यधिक गर्म उपकरण को स्वयं खोलने या उसकी मरम्मत करने की कोशिश न करें।
- उपकरण को दबाने, छेदने या अनावश्यक रूप से हिलाने से बचें।
- यदि उपकरण में आग लगी हो, तो उसे छिपाने या सामान के अंदर रखने की कोशिश न करें।
- केबिन क्रू की अनुमति और सुरक्षा निर्देशों के बिना उपकरण को संभालने का प्रयास न करें।
- बैटरी से जुड़ी किसी भी असामान्य स्थिति में तुरंत सूचना देना महत्वपूर्ण है, ताकि प्रशिक्षित चालक दल समय रहते उचित कार्रवाई कर सके।
यात्रियों को यात्रा से पहले क्या करना चाहिए?
हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने पावरबैंक का मॉडल नंबर और बैटरी क्षमता पहले ही जांच लें। विशेष रूप से MOBIKINS MK-PB-04 मॉडल रखने वाले यात्रियों को इसे फ्लाइट में ले जाने से बचना चाहिए।
यात्रा से पहले इन बातों का ध्यान रखें:
- अपने पावरबैंक का ब्रांड और मॉडल नंबर जांचें।
- प्रभावित मॉडल होने पर उसे विमान में न ले जाएं।
- अन्य पावरबैंक के लिए संबंधित एयरलाइन की मौजूदा बैटरी नीति की पुष्टि करें।
- पावरबैंक को चेक-इन बैगेज में न रखें।
- उड़ान के दौरान पावरबैंक से मोबाइल या अन्य डिवाइस चार्ज न करें।
- बैटरी से जुड़ी किसी भी असामान्य स्थिति में तुरंत केबिन क्रू को सूचित करें।
निष्कर्ष
इंडिगो की फ्लाइट में पावरबैंक से संबंधित आग की घटना के बाद DGCA का MOBIKINS MK-PB-04 मॉडल पर प्रतिबंध विमानन सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम है। इस निर्णय के तहत एयरलाइंस को प्रभावित डिवाइस को यात्रियों के सामान और कार्गो के रूप में विमान में ले जाने से रोकना होगा। यात्रियों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि प्रतिबंध केवल बताए गए मॉडल पर लागू है, सभी पावरबैंक पर नहीं। फिर भी, लिथियम बैटरी से जुड़े जोखिमों को देखते हुए मॉडल नंबर की जांच करना, एयरलाइन के नियमों का पालन करना और उड़ान के दौरान पावरबैंक का इस्तेमाल न करना सुरक्षा के लिहाज से आवश्यक है।