मंदसौर: मंदसौर जिले में पुलिस ने बिना नंबर प्लेट वाली स्कॉर्पियो से 1 करोड़ 29 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। रकम गाड़ी के अंदर खास तौर पर बनाए गए गुप्त खानों में छिपाई गई थी। मामले में उत्तरप्रदेश के बरेली के दो लोगों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब पता लगा रही है कि इतनी बड़ी रकम कहां से आई, किसकी है और इसे कहां ले जाया जा रहा था। पुलिस को रकम का नशीले पदार्थों की तस्करी से संबंध होने की आशंका भी है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
कार्रवाई शामगढ़, सुवासरा और भानपुरा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने की। पुलिस ने बरखेड़ा उदा गांव में सरपंच भवानी शंकर मीणा के घर दबिश देकर तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया। इसके बाद स्कॉर्पियो की बारीकी से जांच कराई गई, जिसमें गुप्त खानों से भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दी दबिश
पुलिस को शामगढ़ थाना क्षेत्र में सूचना मिली थी कि बरखेड़ा उदा गांव के सरपंच भवानी शंकर मीणा के घर दो संदिग्ध लोग पहुंचे हैं। बताया गया कि उनकी स्कॉर्पियो में अवैध नकदी रखी हुई है।सूचना मिलने के बाद शामगढ़, सुवासरा और भानपुरा थानों की संयुक्त पुलिस टीम ने सरपंच के घर को घेर लिया। कार्रवाई के दौरान भवानी शंकर मीणा , मोहम्मद इस्लाम और सूर्य प्रकाश गंगवार को गिरफ्तार किया गया।
यूपी के बरेली के रहने वाले हैं दो आरोपी
पुलिस के मुताबिक, मोहम्मद इस्लाम और सूर्य प्रकाश गंगवार उत्तर प्रदेश के बरेली के रहने वाले हैं। मध्य प्रदेश आने की वजह पूछे जाने पर दोनों कथित तौर पर संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।इसके बाद पुलिस स्कॉर्पियो को शामगढ़ थाने ले गई, जहां वाहन की विस्तृत जांच कराने का फैसला किया गया। पुलिस को आशंका थी कि गाड़ी के अंदर नकदी छिपाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
मैकेनिक की मदद से खोले गए गुप्त खाने
शामगढ़ थाने में पुलिस ने मैकेनिक को बुलाकर स्कॉर्पियो की बारीकी से जांच कराई। जांच के दौरान गाड़ी के अंदर खास तौर पर बनाए गए गुप्त खाने मिले। इन्हीं खानों में नकदी छिपाकर रखी गई थी।गुप्त हिस्सों से कुल 1 करोड़ 29 लाख रुपये बरामद किए गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, गाड़ी पर नंबर प्लेट भी नहीं लगी थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वाहन का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था और नकदी को छिपाकर ले जाने की वजह क्या थी।
नशे की तस्करी से जुड़े होने की आशंका
इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद पुलिस नकदी के स्रोत और उसके संभावित इस्तेमाल की जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि रकम किसकी है, कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था।पुलिस को आशंका है कि नकदी का संबंध नशीले पदार्थों की तस्करी से हो सकता है।
तीन आरोपियों से पूछताछ जारी
पुलिस तीनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच में नकदी के स्रोत, परिवहन के उद्देश्य, वाहन में गुप्त खाने बनवाने और संभावित अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाया जाएगा।मंदसौर पुलिस की इस कार्रवाई में तीन थानों की संयुक्त टीम शामिल रही। फिलहाल 1.29 करोड़ रुपये की बरामदगी मामले की जांच का प्रमुख केंद्र है और आगे की जानकारी पुलिस जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी।