मध्य प्रदेश। ट्रेनों में टिकट चेकिंग के दौरान यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों के बीच होने वाले विवादों की सच्चाई जानने के लिए पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल ने नई पहल शुरू की है। अब टिकट चेकिंग स्टाफ यानी TTE की ड्रेस पर बॉडी वियरिंग कैमरे लगाए जाएंगे। रेलवे ने इसके लिए 56 कैमरों का ऑर्डर दिया है। इन कैमरों की मदद से घटनाओं की रिकॉर्डिंग कर शिकायतों की जांच करना आसान हो सकेगा। रेलवे की इस पहल का उद्देश्य टिकट चेकिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना और यात्रियों के साथ-साथ कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। कैमरों के जरिए टिकट चेकिंग के दौरान होने वाली घटनाओं के दृश्य और बातचीत रिकॉर्ड की जाएगी।
यात्रियों से बातचीत भी होगी रिकॉर्ड
बॉडी वियरिंग कैमरों में वीडियो के साथ ऑडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा भी होगी। इससे विवाद होने पर यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि घटना के समय क्या हुआ और दोनों पक्षों की क्या भूमिका रही। रेलवे को उम्मीद है कि रिकॉर्डिंग उपलब्ध होने से शिकायतों की जांच में लगने वाला समय कम होगा। साथ ही, यात्रियों और टिकट चेकिंग स्टाफ के बीच विवादों की वास्तविक स्थिति समझने में भी मदद मिलेगी।
दो साल से महसूस की जा रही थी जरूरत
भोपाल रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया के अनुसार, टिकट चेकिंग स्टाफ यात्रियों के सीधे संपर्क में रहता है। बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान कई बार विवाद की स्थिति बन जाती है। इसके बाद कुछ यात्री कर्मचारियों पर परेशान करने या उनकी बात नहीं सुनने के आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराते हैं। ऐसे मामलों में रेलवे को घटना की जांच कर वास्तविक स्थिति का पता लगाने में समय लगता है। सीनियर डीसीएम के मुताबिक, बॉडी वियरिंग कैमरों की जरूरत पिछले दो वर्षों से महसूस की जा रही थी। अब इन्हें लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और अगले दो से तीन महीनों में इनका इस्तेमाल शुरू करने की तैयारी है।
रेल मदद की शिकायतों की जांच होगी आसान
रेलवे को रेल मदद के माध्यम से मिलने वाली शिकायतों का मंडल स्तर पर विश्लेषण करना पड़ता है। कैमरों की रिकॉर्डिंग से संबंधित घटनाओं की जांच में मदद मिलेगी और शिकायतों का निपटारा अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। रिकॉर्डिंग के आधार पर यह समझने में आसानी होगी कि विवाद कैसे शुरू हुआ और उसमें किसकी क्या भूमिका थी। इससे शिकायतों की जांच में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।
शान-ए-भोपाल और वंदे भारत से होगी शुरुआत
रेलवे पहले चरण में प्रमुख ट्रेनों में तैनात टिकट चेकिंग स्टाफ को बॉडी वियरिंग कैमरे उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है। इनमें शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस, वंदे भारत एक्सप्रेस और भोपाल रेल मंडल से शुरू होने वाली या यहां से गुजरने वाली अन्य प्रमुख ट्रेनें शामिल होंगी। पहले चरण के अनुभव के बाद इस व्यवस्था का विस्तार करने और अधिक ट्रेनों के टिकट चेकिंग स्टाफ को कैमरों से लैस करने की योजना है। रेलवे की इस पहल से टिकट चेकिंग के दौरान होने वाले विवादों पर नजर रखने और शिकायतों के निष्पक्ष निपटारे में मदद मिलने की उम्मीद है।