ग्वालियर: ग्वालियर में शीतला माता मंदिर हादसे में जान गंवाने वाले 16 लोगों के परिवारों को राहत देने के लिए नगर निगम ने अहम फैसला लिया है। नगर निगम परिषद में शोक प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान प्रत्येक मृतक के परिवार के एक सदस्य को आउटसोर्सिंग के माध्यम से नौकरी देने पर सहमति बनी। हादसे में घायल लोगों की मदद करने की बात भी कही गई। इस प्रस्ताव पर बीजेपी और कांग्रेस के पार्षद एकमत नजर आए।
मृतकों के परिवार के एक सदस्य को मिलेगी नौकरी
ग्वालियर नगर निगम परिषद में शीतला माता मंदिर हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए शोक प्रस्ताव पर चर्चा की गई। इस दौरान मृतकों के परिवारों को आर्थिक और रोजगार संबंधी सहायता देने पर जोर दिया गया।
प्रस्ताव के तहत हर मृतक के परिवार के एक सदस्य को नगर निगम में आउटसोर्सिंग के माध्यम से नौकरी दी जाएगी। इसके अलावा हादसे में घायल हुए लोगों की भी मदद की जाएगी। इस फैसले का उद्देश्य दुर्घटना से प्रभावित परिवारों को मुश्किल समय में सहारा देना है।
नगर निगम सभापति ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। परिषद में हुई चर्चा के दौरान हादसे से प्रभावित परिवारों की स्थिति और उन्हें राहत पहुंचाने के उपायों पर बात हुई।
महापौर ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
महापौर ने हादसे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जब शीतला माता मंदिर तक दोपहिया और चारपहिया वाहनों के जाने पर रोक थी, तो धान से भरा ट्रक वहां तक कैसे पहुंच गया?महापौर ने सुरक्षा व्यवस्था में संभावित चूक की जांच कराने की मांग की। उनका कहना है कि घटना के कारणों का पता लगाना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटना दोबारा न हो।
तेज रफ्तार ट्रक ने 57 श्रद्धालुओं को कुचला, 16 की मौत
18 अक्टूबर की देर रात करीब 1:30 बजे चीनौर रोड पर शीतला माता मंदिर के पास यह दर्दनाक हादसा हुआ था। श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने के लिए सड़क किनारे कतार में खड़े थे। इसी दौरान चीनौर की ओर से आ रहा धान से भरा ट्रक ढलान पर बेकाबू हो गया और श्रद्धालुओं को कुचलता चला गया।हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 42 लोग घायल हुए। घायलों में दो पुलिसकर्मी भी शामिल बताए गए हैं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
ढलान पर ट्रक बेकाबू होने से हुआ हादसा
बताया गया है कि दुर्घटना चीनौर रोड पर ढलान के पास हुई, जहां सड़क करीब 90 डिग्री के तीखे ढलान वाली बताई गई है। इसी रास्ते से धान से भरा ट्रक आ रहा था। ट्रक के नियंत्रण से बाहर होने के बाद सड़क किनारे दर्शन के लिए इंतजार कर रहे श्रद्धालु उसकी चपेट में आ गए।हादसे के बाद मंदिर मार्ग पर वाहनों की आवाजाही और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
पीड़ित परिवारों को राहत देने पर जोर
नगर निगम परिषद में शोक प्रस्ताव पर चर्चा के बाद मृतकों के परिजनों को रोजगार उपलब्ध कराने और घायलों की सहायता करने पर सहमति बनी। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के लिए यह फैसला मुश्किल समय में आर्थिक सहारा देने की दिशा में उठाया गया कदम है।अब हादसे की परिस्थितियों, मंदिर मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था और ट्रक के वहां तक पहुंचने से जुड़े सवालों की जांच महत्वपूर्ण होगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें।