मनेंद्रगढ़: छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले में भीषण सड़क हादसा हो गया। मनेन्द्रगढ़ से केल्हारी जा रही एक यात्री बस सेमरमथानी मोड़ के पास अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। हादसे में बस मालिक समेत 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 से ज्यादा यात्री घायल हुए हैं। घायलों में बस ड्राइवर समेत 15 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे में एक गर्भवती महिला के गर्भ में पल रहे शिशु की भी मौत होने की जानकारी सामने आई है। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। पुलिस और मेडिकल टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
सेमरमथानी मोड़ के पास हुआ भीषण हादसा
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को यात्री बस मनेन्द्रगढ़ से केल्हारी की ओर जा रही थी। बस में कुल 47 यात्री सवार थे। दोपहर करीब 2 बजे सेमरमथानी मोड़ के पास ड्राइवर बस पर नियंत्रण नहीं रख सका और बस सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई।टक्कर इतनी भीषण थी कि बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद बस में सवार यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री बस के अंदर फंस गए, जिन्हें बाहर निकालने के लिए स्थानीय लोगों ने मदद की।
6 लोगों की मौत, 25 से ज्यादा यात्री घायल
इस दर्दनाक हादसे में बस मालिक समेत 6 लोगों की मौत हो गई। वहीं, 25 से ज्यादा यात्री घायल हुए हैं। घायलों में बस ड्राइवर की हालत भी गंभीर बताई जा रही है।हादसे में एक गर्भवती महिला के गर्भ में पल रहे शिशु की मौत होने की जानकारी भी सामने आई है। घटना के बाद घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया।
15 गंभीर घायलों को अंबिकापुर किया रेफर
हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस और मेडिकल टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से बस में फंसे घायलों को बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया।गंभीर रूप से घायल 15 लोगों को बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया है। वहीं, बाकी 10 घायलों का इलाज केल्हारी में जारी है।
केल्हारी थाना क्षेत्र में हुआ हादसा
यह दुर्घटना मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के केल्हारी थाना क्षेत्र में हुई। हादसे के बाद पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग किया और दुर्घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटानी शुरू की।बस में 47 यात्रियों के सवार होने की जानकारी सामने आई है। दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में उपचार के लिए भेजा गया।