लेह | लद्दाख में पंचायत चुनाव का बिगुल बज गया है। बुधवार को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही केंद्र शासित प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई। राज्य चुनाव आयोग (SEC) के अनुसार, लद्दाख के सभी पंचायत हलकों में 21 नवंबर 2026 को मतदान कराया जाएगा। पूरी चुनाव प्रक्रिया 30 नवंबर तक संपन्न करने का लक्ष्य रखा गया है। लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद यह पहला पंचायत चुनाव होगा। इससे पहले वर्ष 2018 में यहां पंचायत चुनाव हुए थे, उस समय लद्दाख पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य का हिस्सा था।
लद्दाख में नई पंचायतों के गठन के लिए चुनाव जरूरी
चुनाव आयुक्त सुधांशु पांडेय ने बुधवार को पंचायत चुनावों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि नई पंचायतों के गठन के लिए चुनाव कराना आवश्यक हो गया है। जम्मू-कश्मीर पंचायती राज नियम, 1996 के नियम सात के तहत लद्दाख के पंचायत हलकों में सरपंच और पंचों के चुनाव कराने का प्रावधान है। इसी के आधार पर प्रदेश के सभी पंचायत हलकों में आम चुनाव कराने का निर्णय लिया गया है।
26 अक्टूबर को जारी होगी चुनाव अधिसूचना
राज्य चुनाव आयोग के घोषित कार्यक्रम के अनुसार, पंचायत चुनाव की अधिसूचना 26 अक्टूबर को जारी की जाएगी। इसके बाद उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर सकेंगे।
चुनाव प्रक्रिया की प्रमुख तारीखें इस प्रकार हैं:
- 26 अक्टूबर: चुनाव अधिसूचना जारी होगी।
- 2 नवंबर: नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख।
- 3 नवंबर: नामांकन पत्रों की जांच होगी।
- 5 नवंबर: नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख।
- 21 नवंबर: सभी पंचायत हलकों में मतदान।
- 30 नवंबर: चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य।
2019 में जम्मू-कश्मीर से अलग बना था लद्दाख
जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 के तहत 31 अक्टूबर 2019 को तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों—लद्दाख और जम्मू-कश्मीर—में पुनर्गठित किया गया था। इस बदलाव के बाद लद्दाख में पंचायत चुनाव का यह पहला अवसर होगा, जब केंद्र शासित प्रदेश के रूप में अलग चुनाव प्रक्रिया आयोजित की जाएगी।
आदर्श आचार संहिता के पालन के निर्देश
चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही लद्दाख में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। चुनाव आयोग ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए इसके सख्ती से पालन के निर्देश दिए हैं। राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों से चुनाव के दौरान गलत गतिविधियों से दूर रहने और निर्धारित नियमों का पालन करने को कहा गया है। अब सभी पंचायत हलकों में चुनावी तैयारियां तेज होने की उम्मीद है।