भोपाल | मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस ने पांच सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। पुलिस आयुक्त कार्यालय की ओर से 21 अक्टूबर को इस संबंध में आदेश जारी किया गया। SIT की अध्यक्षता उमेश तिवारी करेंगे। टीम को हत्याकांड की जांच आगे बढ़ाने और आरोपियों की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
SIT में पांच पुलिसकर्मी शामिल
जारी आदेश के मुताबिक, SIT में उमेश तिवारी को अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, चंद्रमान सिंह चौहान, पारस सोनी, ओपी खुशवंशी और आरक्षक नितेश वर्मा को टीम का सदस्य नियुक्त किया गया है। इस विशेष जांच दल में पुलिस मुख्यालय, अपराध शाखा, रातीबड़ थाना और डॉग स्क्वाड सेल से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। टीम को मामले की जांच में तेजी लाने और आरोपियों तक पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।आदेश के अनुसार, SIT को जांच की प्रगति से हर सप्ताह अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक को अवगत कराना होगा।
IAS एसोसिएशन ने की थी SIT गठन की मांग
राकेश अग्रवाल हत्याकांड की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर मध्यप्रदेश IAS एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की थी। प्रतिनिधिमंडल ने मामले की जांच वरिष्ठ IPS अधिकारी की निगरानी में कराने की मांग रखी थी। एसोसिएशन ने जांच में लूट के अलावा कॉन्ट्रैक्ट किलिंग और बड़े आर्थिक लेन-देन जैसे संभावित पहलुओं को भी शामिल करने का आग्रह किया था। इसके साथ ही अकेले रहने वाले रिटायर्ड अधिकारियों की सुरक्षा मजबूत करने का मुद्दा भी उठाया गया था।
30 सितंबर को घर में मिला था रिटायर्ड IAS का शव
रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल का शव 30 सितंबर की सुबह भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र स्थित सूरज नगर में उनके घर से मिला था। शुरुआती जानकारी के अनुसार, धारदार हथियार से गला रेतकर उनकी हत्या की गई थी। घटना के बाद घर की अलमारियों के ताले टूटे हुए मिले थे। घर से नकदी, जेवरात और मोबाइल फोन गायब होने की जानकारी भी सामने आई थी। पुलिस जांच में वरुण कुमार नाम के केयरटेकर पर संदेह जताया गया था, जो घटना के बाद से फरार बताया गया है।
जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी पर रहेगा फोकस
SIT गठन के बाद अब मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की जाएगी। टीम उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर आरोपियों की तलाश करेगी। जांच की प्रगति पर हर सप्ताह वरिष्ठ अधिकारी को रिपोर्ट सौंपनी होगी। पुलिस की जांच में हत्या के पीछे की वास्तविक वजह और घटना में शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाना अहम रहेगा। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।