पीलीभीत | उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) की ओर से शिकायतें मिलने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने पीलीभीत के जिला निर्वाचन अधिकारी को जल्द जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। यह विवाद मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देशभर में जारी राजनीतिक बहस के बीच सामने आया है। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में नाम बदलने, पात्र मतदाताओं के नाम हटाने और क्षेत्र में नहीं रहने वाले लोगों के नाम जोड़े जाने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
आरोप सही मिले तो अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने निर्देश दिया है कि शिकायतों की जांच जल्द पूरी की जाए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच में मतदाता सूची में कथित बदलावों, नाम हटाए जाने और नए नाम जोड़े जाने से जुड़े आरोपों की पड़ताल की जाएगी। प्रशासन से तथ्यात्मक रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।
कांग्रेस का दावा- 13,150 मतदाताओं के नाम बदले गए
उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेसवार्ता कर पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि SIR की अंतिम ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद जुलाई से सितंबर के बीच 13,150 मतदाताओं के नाम बदल दिए गए। कांग्रेस के मुताबिक, इन मतदाताओं के मतदाता पहचान पत्र यानी EPIC नंबर और सीरियल नंबर पहले जैसे ही रहे, जबकि नामों में बदलाव किए जाने का आरोप है। पार्टी ने इस मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
884 मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र संख्या 127 की मतदाता सूची में कथित तौर पर 884 ऐसे मतदाताओं के नाम हटा दिए गए, जो अब भी संबंधित क्षेत्र में रह रहे हैं। इसके अलावा, पार्टी ने आरोप लगाया कि सूची में 2,600 ऐसे मतदाताओं के नाम जोड़े गए, जो संबंधित स्थान पर मौजूद नहीं हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। निर्वाचन अधिकारियों की जांच से ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
SIR को लेकर बढ़ा राजनीतिक विवाद
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देश के कई हिस्सों में राजनीतिक दलों के बीच बहस जारी है। पीलीभीत का मामला सामने आने के बाद मतदाता सूची की शुद्धता और पुनरीक्षण प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं। अब सबकी नजर जिला निर्वाचन अधिकारी की जांच रिपोर्ट पर है। रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि मतदाता सूची में वास्तव में कोई अनियमितता हुई है या नहीं और यदि हुई है, तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है।