कूचबिहार: पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के तुफानगंज में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। रायडक नदी के विसर्जन घाट पर विसर्जन की प्रक्रिया के बीच एक विशाल दुर्गा प्रतिमा अचानक आगे की ओर गिर गई। प्रतिमा के नीचे दबने से नगर पालिका के कर्मचारियों और श्रद्धालुओं समेत कई लोग घायल हो गए। हादसे के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई। घायलों को तत्काल तुफानगंज अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह घटना विजयादशमी के दिन उस समय हुई, जब तुफानगंज के जयहिंद क्लब की दुर्गा प्रतिमा को विसर्जन के लिए घाट पर लाया गया था। प्रतिमा को संभालने और नदी तक पहुंचाने के दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह आगे की ओर गिर पड़ी।
ट्रॉली से ले जाते समय बिगड़ा प्रतिमा का संतुलन
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रायडक नदी के घाट पर विभिन्न पूजा समितियों की प्रतिमाओं का विसर्जन चल रहा था। इसी दौरान जयहिंद क्लब की विशाल प्रतिमा को विसर्जन स्थल तक ले जाने की प्रक्रिया शुरू हुई। नगर पालिका के कर्मचारी और क्लब के सदस्य प्रतिमा को संभालने में जुटे थे। बताया जा रहा है कि इसी दौरान प्रतिमा का संतुलन बिगड़ गया और वह सामने की ओर गिर गई। प्रतिमा के पास खड़े कई कर्मचारी और अन्य लोग उसकी चपेट में आ गए। हालांकि, प्रतिमा गिरने की सटीक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। तकनीकी चूक या सुरक्षा व्यवस्था में किसी कमी की आशंका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
हादसे के बाद घाट पर मची अफरा-तफरी
प्रतिमा गिरते ही घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं के बीच दहशत फैल गई। मौके पर मौजूद लोगों, पुलिसकर्मियों और स्वयंसेवकों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। प्रतिमा के नीचे दबे लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में नगर पालिका के कर्मचारियों के अलावा अन्य लोगों के शामिल होने की जानकारी है। कुछ घायलों को सिर, छाती और हाथ-पैरों में चोट लगने की बात कही जा रही है। गंभीर रूप से घायल लोगों को कूचबिहार जिला अस्पताल भेजे जाने की संभावना भी जताई गई है। हालांकि, घायलों की कुल संख्या, उनकी चोटों की गंभीरता और रेफर किए जाने की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
विसर्जन घाट की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के बाद प्रतिमा विसर्जन के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों के बीच इस बात पर चर्चा है कि विशाल और भारी प्रतिमाओं को नदी तक ले जाने तथा विसर्जित करने के लिए पर्याप्त उपकरणों और प्रशिक्षित कर्मियों की व्यवस्था थी या नहीं। भारी प्रतिमाओं को संभालने के दौरान मजबूत सहारे, सुरक्षित ट्रॉली और पर्याप्त दूरी बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में घटना की जांच के दौरान विसर्जन प्रक्रिया, इस्तेमाल किए गए उपकरणों और सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा जरूरी होगी। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने की भी बात कही जा रही है। हालांकि, वीडियो की प्रामाणिकता और उसमें दिखाई देने वाले घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि के बिना उससे जुड़े हर विवरण को तथ्य मानना उचित नहीं होगा।
प्रशासन की कार्रवाई पर रहेगी नजर
हादसे के बाद राहत एवं बचाव कार्य और घायलों के उपचार को प्राथमिकता दी गई। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन घटना की वजह का पता लगाने के लिए क्या कदम उठाता है और विसर्जन घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाती है या नहीं। तुफानगंज की इस घटना ने दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान भारी प्रतिमाओं को सुरक्षित तरीके से संभालने की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है। घायलों की स्थिति और हादसे के वास्तविक कारणों के बारे में आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।