Ujjain | विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज यानी 6 अक्टूबर से पारंपरिक उमा-सांझी महोत्सव की शुरुआत होने जा रही है। धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाला यह आयोजन 12 अक्टूबर तक चलेगा। महोत्सव के दौरान मंदिर के सभामंडप में प्रतिदिन पारंपरिक रंगोलियां सजाई जाएंगी, जबकि महाकाल महालोक में लोक कला और संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होंगे।
सभामंडप में रोज सजेंगी पारंपरिक रंगोलियां
उमा-सांझी महोत्सव के तहत 6 से 12 अक्टूबर तक श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में पुजारी और पुरोहित प्रतिदिन शिला पर आकर्षक पारंपरिक रंगोलियां सजाएंगे। इसके अलावा भगवान महाकाल के अलग-अलग स्वरूपों के मुखौटों से झांकियां भी तैयार की जाएंगी। महोत्सव के दौरान हर दिन शाम 5 बजे से 6:30 बजे तक हरि कीर्तन का आयोजन होगा। ग्वालियर के योगेश पुरंदरे ढोली बुआ महाराज और उनके सहयोगी कीर्तन की प्रस्तुति देंगे।
घट स्थापना के बाद होंगे धार्मिक अनुष्ठान
महोत्सव के पहले दिन घट स्थापना और संध्या आरती के बाद 21 ब्राह्मणों द्वारा वसंत पूजा की जाएगी। इसके बाद महाकाल महालोक में लोक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू होगा। पहले दिन खरगोन के संजय महाजन का लोक नृत्य समूह और नर्मदापुरम की ममता मिश्रा सहित अन्य कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे।
12 अक्टूबर को निकलेगी मां उमा की सवारी
उमा-सांझी महोत्सव के अंतिम दिन 12 अक्टूबर को मां उमा की सवारी निकाली जाएगी। इसके साथ ही ज्वारों का विसर्जन किया जाएगा। महोत्सव को लेकर श्री महाकालेश्वर मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। उमा-सांझी महोत्सव उज्जैन की धार्मिक परंपरा और लोक संस्कृति से जुड़ा आयोजन है, जिसमें भगवान महाकाल और मां उमा की आराधना के साथ पारंपरिक कला, संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।