नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को विजय माल्या (Vijay Mallya) की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने मुंबई की एक अदालत में उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने और उनकी संपत्ति जब्त करने की कार्यवाही को चुनौती दी थी।
Vijay Mallya के वकील की दलील
माल्या की ओर से पेश वकील ने सुप्रीम कोर्ट में तर्क दिया है कि वह अपने क्लाइंट (Vijay Mallya) से संपर्क करने और मामले पर कोई निर्देश प्राप्त करने में सक्षम नहीं है। इस बयान के मद्देनजर, जस्टिस अभय एस ओका और राजेश बिंदल की पीठ ने गैर-अभियोजन के चलते याचिका खारिज कर दी है। बता दें कि पिछले साल नवंबर में भी विजय माल्या का एक केस लड़ने से उनके वकील ने मना कर दिया था।
मुंबई की अदालत ने भगोड़ा घोषित किया था
5 जनवरी 2019 को मुंबई की विशेष अदालत ने अधिनियम के तहत माल्या को 'भगोड़ा' घोषित किया था। अधिनियम के प्रावधानों के तहत, एक बार किसी व्यक्ति को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किए जाने के बाद, अभियोजन एजेंसी के पास उसकी संपत्ति को जब्त करने की शक्तियां होती हैं।
माल्या मार्च 2016 में यूनाइटेड किंगडम भाग गया था और उस पर 9,000 करोड़ रुपये के डिफॉल्ट का मामला दर्ज है।
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