डेसा में आतंकियों की फायरिंग में सेना के कैप्टन समेत 4 जवान और एक पुलिसकर्मी शहीद हो गए हैं। यह घटना सोमवार को घटित हुई, जब राष्ट्रीय रायफल्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम ने आतंकियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन चला रही थी।
सेना और पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, इस घटना में अन्य जवान भी घायल हुए हैं। सुरक्षाबलों ने आतंकियों के संगठन को ट्रैक किया है और इसके तहत जारी सर्च ऑपरेशन को मजबूती से जारी रखा जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस हमले के पीछे आतंकी समूहों की भूमिका को बताया है। जिले में सुरक्षा बलों की और से सुरक्षा कार्रवाई को बढ़ावा दिया गया है।
आतंकियों की कायराना हरकत से देश मे शोक की लहर
कैप्टन थापा की माँ ने कहां - अगर हम अपने बच्चों को सीमा पर नहीं भेजेंगे, तो देश के लिए कौन लड़ेगा। इस घटना में देश को गहरा दुख झेलना पड़ा है। सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों के साथ जंगल में भिड़े जाने के बाद यह हमला हुआ। शहीद हुए जवानों में कैप्टन बृजेश थापा, सिपाही बृजेंद्र, और सिपाही अजय शामिल हैं। उनके बलिदान की खबर सुनकर कैप्टन बृजेश की मां ने कहा बेटा देश के लिए शहीद हुआ है उन्होंने कहा कि अगर हम अपने बच्चों को सीमा पर नहीं भेजेंगे, तो देश के लिए कौन लड़ेगा।आतंकी संगठन का दावा- 12 जवान मारे गए
आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कश्मीर टाइगर्स ने दावा किया है कि उनके हमले में डोडा जिले के डेसा में सेना के कैप्टन समेत 12 जवानों की मौत हो गई है, जबकि 6 जवान घायल हुए हैं। जैश-ए-मोहम्मद के एक प्रवक्ता ने बताया कि उनके संगठन के आतंकी डोडा के डेसा में सर्च ऑपरेशन के दौरान सेना के वार्तालापी कैप्टन बृजेश थापा समेत 12 जवानों को निशाना बनाया गया। उन्होंने इसकी पुष्टि की और कहा कि उनके हमले में 6 जवान गंभीर रूप से घायल है। सुरक्षाबलों ने इस हमले के पीछे जांच शुरू की है और संगठन के आतंकी तत्कालीन सुरक्षा कार्रवाई में शामिल हो गए हैं। इस घटना के बाद सुरक्षाबलों ने डोडा और जम्मू-कश्मीर के अन्य क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।Written by- Prabhat Pandey
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