लोकसभा चुनाव में सपा प्रमुख अखिलेश यादव की पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) फॉर्मूले ने उत्तर प्रदेश की सियासत में बीजेपी के विनिंग समीकरण को बिगाड़कर रख दिया है. चुनाव में दलित और ओबीसी वोटों के खिसकने के चलते बीजेपी यूपी में 62 सीट से घटकर 33 पर पहुंच गई है. पार्टी 2027 में 2024 वाली गलती को नहीं दोहराना चाहती है, जिसके लिए बीजेपी फिर से अपनी सोशल इंजीनियरिंग को दुरुस्त करने में सक्रिय हो गई है. दलित और ओबीसी समुदाय के विश्वास को जीतने की कोशिश तेज कर दी है, जिसकी झलक इन दिनों होने वाली राजनीतिक नियुक्तियों में दिख रही है.
लोकसभा चुनाव में को उत्तर प्रदेश में बड़ा झटका लगा है. 2019 में जिस पार्टी ने 80 में से 62 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की थी. 2024 में वह महज 33 सीटों पर सिमट गई. ऐसे में अब पार्टी एक बार फिर से अपनी सोशल इंजीनियरिंग को दुरुस्त करने की कोशिश में जुट गई है.