केरल के वायनाड में मंगलवार (30 जुलाई) तड़के हुए भूस्खलन की वजह से बहुत ज्यादा तबाही मच गई है। अभी तक 151 लोगों की मौत हो चुकी है। कई लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आ रही है। राहत और बचाव का कार्य जारी है और फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने लगातार वायनाड के हालातों पर नजर बनाई हुई है। केरल में अगले 48 घंटे में भारी से भारी बारिश का अलर्ट है। लोगों को चेतावनी दी गई है और सावधान रहने को कहा गया है।
300 से ज्यादा लोग घायल
बता दें कि 94 शव मेप्पडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रखे गए थे। इनमें से 11 की अब तक पहचान नहीं हो पाई है। यहां से 52 शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। माना जा रहा है कि 40 से भी ज्यादा लोग नीलांबुर चलियार नदी में बह गए हैं। परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक 211 लोग लापता हैं, जबकि 300 से ज्यादा लोग घायल हैं। सेना और एनडीआरएफ की टीमें चालियार नदी और जंगल में लोगों की तलाश कर रही हैं।
कई घर तबाह हो गए
लैंडस्लाइड में कई सारे घर तबाह हो गए हैं। पेड़ों के गिरने और नदियों-तालाबों के उफान पर होने से राहत और बचाव कार्य में बाधा आ रही है। इस बीच केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने मंगलवार को हाई लेवल मीटिंग करके राहत और बचाव कार्य की समीक्षा की और आगे के लिए दिशा निर्देश दिए। दूसरी ओर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी ने बुधवार को वायनाड जाने का अपना प्लान बारिश के अलर्ट के बाद स्थगित कर दिया है।
12 जिलों में भारी बारिश की आशंका
वहीं कोल्लम और त्रिवेंद्रम को छोड़कर बुधवार को केरल के 12 जिलों में भारी बारिश की आशंका के चलते स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ियों में छुट्टी का ऐलान कर दिया गया है। केरल में भारी बारिश जारी है, नदियों और बांधों में जल स्तर बढ़ रहा है। केएसईबी से बांधों के क्षमता से ज्यादा भरने की सूचना मिली है। इडुक्की में जलस्तर 52.81 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जिससे चिंता बढ़ गई है। वायनाड के बाणासुर सागर बांध में जलस्तर 83.26 फीसदी बढ़ा है।
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