धर्मांतरण को रोकने के लिए दक्षिणपंथी हिन्दू संस्थाएं ज़ोर-शोर से विरोध करती हैं। अक्सर ये विरोध हिंसक भी होते हैं। बनारस में हिन्दू युवा शक्ति ऐसी ही एक संस्था है जिसका उद्देश्य धर्मांतरण को रोकना और सभी देशों के हिन्दुओं की एकता पर काम करना है।
धर्मांतरण रोकने के लिए हुई जेल
1 लाख से ऊपर की सदस्यता वाली हिन्दू युवा शक्ति के अध्यक्ष निर्भय सिंह कहते हैं कि वो धर्मांतरण को रोकने की कोशिश में "पचासों बार" जेल जा चुके हैं। वो कहते हैं कि अगर लोग अपनी मर्ज़ी से हिन्दू धर्म को छोड़कर जाते हैं। उन्हें दुःख ज़रूर होता है, मगर उन्हें इसमें कोई आपत्ति नहीं होती है। वो कहते हैं कि ईसाई प्रचारक नौकरी और पैसे का प्रलोभन देकर 'सीधे-साधे' हिन्दुओं का धर्म परिवर्तन करते हैं। उनके अनुसार वो धर्म परिवर्तन के लिए हिन्दू रोगियों के रोग को ठीक करने का "झूठे चमत्कार" का दावा भी करते हैं।
हिंदू संगठनों का पक्ष
निर्भय सिंह कहते हैं कि "पहले ईसाई प्रचारकों को समझाने की कोशिश करते हैं। अगर वो नहीं समझते हैं... तो कोई दो राय नहीं वो जिस तरह से समझते हैं, हम उस तरह से समझायेंगे। पहले हाथ जोड़कर समझायेंगे। ज़रुरत पड़ी तो हाथ खोल कर समझायेंगे। ये तो हमारा काम है, हमारे लिए हमारे धर्म से बड़ा कुछ भी नहीं हो सकता है।
दूसरा पक्ष
वहीं ईसाई मिशनरियों का कहना है कि हिंदू संगठन स्वेच्छा से धर्मपरिवर्तन को भी जबरन धर्मपरिवर्तन का इल्ज़ाम लगाते हैं। इधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा स्थापित हिन्दू युवा वाहिनी भी धर्मांतरण के विरोध में राज्य भर में काम कर रही है।
Written By- Dilip Pal
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