आज से 20 साल पहले अगर आपको एक मोबाइल सिम खरीदना होता था तो ऑफिस से छुट्टी लेनी पड़ती थी और दोस्तों के सरकारी अधिकारी पापा से सिफारिश भी लगवानी पड़ती थी. ये वो दौर था जब भारत में मोबाइल नंबर का मतलब BSNL होता था. हालांकि, ये रौला कुछ साल ही रहा और फिर प्राइवेट प्लेयर्स के आते ही गेम बदल गया. और आज सिम खरीदने के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं है. गलती से मन में सोच भी लीजिए तो बस फिर मोबाइल पर उसका विज्ञापन नजर आने लगेगा. और मोहल्ले की नुक्कड़ वाली दुकान पर मिनटों में नया नंबर मिल जाएगा. लेकिन क्या आपको पता है कि सिम कार्ड खरीदने की जल्दबाजी आपको स्कैम का शिकार बना सकती है और अपराधी बना सकती है... आइए जानें कैसे ?
आज से 20 साल पहले अगर आपको एक मोबाइल सिम खरीदना होता था तो ऑफिस से छुट्टी लेनी पड़ती थी और दोस्तों के सरकारी अधिकारी पापा से सिफारिश भी लगवानी पड़ती थी. ये वो दौर था जब भारत में मोबाइल नंबर का मतलब BSNL होता था. हालांकि, ये रौला कुछ साल ही रहा और फिर प्राइवेट प्लेयर्स के आते ही गेम बदल गया. और आज सिम खरीदने के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं है. गलती से मन में सोच भी लीजिए तो बस फिर मोबाइल पर उसका विज्ञापन नजर आने लगेगा. और मोहल्ले की नुक्कड़ वाली दुकान पर मिनटों में नया नंबर मिल जाएगा. लेकिन क्या आपको पता है कि सिम कार्ड खरीदने की जल्दबाजी आपको स्कैम का शिकार बना सकती है और अपराधी बना सकती है... आइए जानें कैसे ?
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