वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को मोदी 3.0 को 7वां बजट पेश किया है। सरकार का दावा है की यह विकसित भारत का बजट है जो मोदी के विजय 2047 के सपने को साकार करेगा।इसमें हर एक वर्ग को ध्यान में रखकर सरकार ने ऐलान किया है।इस के साथ मकान और फ्लैट किराए पर देने वाले मकान मालिकों के लिए भी बजट में नया नियम आ गया है।जिस पर ध्यान देने की जरूरत है।
मकान किराए पर चढ़ाकर नहीं होगी कमाई
कई लोग इसे एक इन्वेस्टमेंट के तौर पर देखते हैं।कई प्रॉपर्टी होने पर या मकान या फ्लैट होने पर उसे किराए चढ़ा दिया जाता है। जो एक कमाई का जरिया भी बन जाता हैं, लेकिन इससे होने वाली इनकम को इनकम टैक्स दाखिल(Payers) करते समय हाउसिंग प्रॉपर्टी से होने वाली इनकम के रूप में ही घोषित करना होगा। अब इसे कोई और या फिर बिजनेस इनकम के रूप में नहीं दिखाया जा सकेगा।Income Tax Act में संशोधन
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते समय इनकम टैक्स एक्ट में महत्वपूर्ण संशोधन किया है।जिसमें उन्होंने यह साफ किया की आवासीय संपत्ति को किरे पर देने से होने वाली कमाई को बिजनेस या किसी और पेशे से होने वाली इनकम की जगह उसे ‘गृह संपत्ति से इनकम’ के तहत ही दिखाना होगा।कम टैक्स भरने के लिए दिखाते है कम इनकम
आजकल टैक्स पेयर्स से टैक्स लेना सरकार के लिए बड़ी चनौती के समान ही है और ऐसे में टैक्स कम भरने के लिए इधर-उधर की इनकम दिखाकर पेयर्स कई तरह से कटौती कर लेते हैं।किराए के मकान से होने वाली इनकम को कम दिखाने के लिए गलत तरीके से व्यावसाय या पेशे से मिलने वाले फायदे के रुप में दिखा देते हैं।वित्त मंत्री ने इस पर चिंता जताते हुए इसकी वजह से देनदारी कम होने की बात कहीं।इस प्रावधान में कुछ प्रॉपर्टी मालिकों को किराए की इनकम को बिजनेस से होने वाली इनकम के रुप में दिखाने की परमिशन है, जिससे कई तरह से जैसे रखरखाव, मरम्मत की लागत और डेप्रिसिएशन जैसी कटौती की जा सकती है।इस तरीके से टैक्सपेयर्स अपनी टैक्सेबल इनकम को काफी कम कर देते हैं। जिससे उनको टैक्स कम भरता पड़ता है। वित्त मंत्री ने कहा कि ये संशोधन अगले वित्त वर्ष 1 अप्रैल, 2025 से प्रभावी होगा। यह नियम इनकम टैक्स पेयर्स को गलत इनकम के नाम पर कम टैक्स भरने से रोकेगा।Written by- Prishita Sharma
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