यूपी में कांवड़ रूट पर दुकानों का नाम और दुकानदार का नाम बताने वाले योगी सरकार के आदेश पर राजनीति गरमा गई है। बता दें कि, योगी सरकार ने राज्य भर में कांवड़ यात्रा मार्गों पर सभी फलों की दुकानों, भोजनालयों एवं रेस्टोरेंट्स के मालिकों की 'नेमप्लेट' लगाने का आदेश दिया। इस फैसले के बाद विपक्षी दल बीजेपी पर हमलावर है।
पहचान बताने में क्यों दिक्कत होनी चाहिए?
वहीं इस मामले पर अब योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि, यदि रामदेव को अपनी पहचान बताने में दिक्कत नहीं है तो रहमान को अपनी पहचान बताने में क्यों दिक्कत होनी चाहिए? नाम छिपाने की कोई आवश्यकता नहीं है, काम में शुद्धता चाहिए बस। योगी सरकार ने यह भी कहा है कि, हलाल सर्टिफिकेशन वाले उत्पाद बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जबकि उत्तराखंड पुलिस ने नेमप्लेट लगाने के नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
योगी सरकार के फैसले पर विपक्षी वार
योगी सरकार के इस फैसले पर विपक्षी दलों ने मुस्लिम दुकानदारों को निशाना बनाने वाली कार्रवाई करार दिया। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस आदेश को "सामाजिक अपराध" बताया तो बसपा सुप्रीमो मायावती ने इस कदम को असंवैधानिक करार दिया। इनके अलावा कांग्रेस की यूपी इकाई के प्रमुख अजय राय ने इस फैसले को तुरंत रद्द करने की मांग की।
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