केंद्रीय बजट को भले ही एनडीए सरकार की ओर से सही और सकारात्मक बताया गया हो मगर सड़क से लेकर संसद और सोशल मीडिया तक एक बड़े धड़े ने इसकी आलोचना की है। मोदी सरकार 3.0 के पहले बजट की चर्चा हर तरफ हो रही है। एक तरफ बीजेपी और उनके सहयोगी दलों द्वारा इस बजट की सराहना की जा रही है। दूसरी तफ विपक्षी दलों द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है। विपक्षी नेताओं की तरफ से इस बजट को प्रधानमंत्री की कुर्सी बचाओ बजट का नाम दिया जा रहा है।
विपक्ष ने बजट में "भेदभाव" का आरोप लगाया
वहीं INDI गठबंधन की पार्टियों ने केंद्रीय बजट में विपक्ष शासित राज्यों के खिलाफ "भेदभाव" का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेता वेणुगोपाल ने कहा कि, इस साल के केंद्रीय बजट ने बजट की अवधारणा को पहले ही नष्ट कर दिया है, उन्होंने अधिकांश राज्यों के साथ पूरी तरह से भेदभाव किया है। वेणुगोपाल ने कहा कि, पेश किया गया केंद्रीय बजट बेहद भेदभावपूर्ण और खतरनाक था, जो पूरी तरह से संघवाद और निष्पक्षता के सिद्धांतों के खिलाफ है जिसका केंद्र सरकार को पालन करना चाहिए।
विपक्ष पर शहजाद पूनावाला का पलटवार
वहीं अब भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि, सबसे पहले INDI गठबंधन तय करे कि, बजट को लेकर उनका स्टैंड क्या है? अगर किसी राज्य को उसका अधिकार दिया जाए तो INDI गठबंधन के लोग उस राज्य के लोगों का किस तरह से अपमान करते हैं। RJD को बताना चाहिए कि, क्या वो मल्लिकार्जुन खड़गे की बातों से सहमत हैं? क्या वे खड़गे जी की तरह नीति आयोग का बहिष्कार करेंगे क्योंकि बिहार को उसका अधिकार मिला? यही तो वो लोग हैं जो विशेष पैकेज और विशेष राज्य के दर्जे की मांग कर रहे थे उन्हें(विपक्ष) बजट से नहीं बजट बनाने वाले लोगों से समस्या है।
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