रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने गणतंत्र दिवस को लेकर बड़ा निर्देश जारी किया है। बोर्ड ने प्रदेश की सभी मस्जिदों, दरगाहों और इमामबाड़ों में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराने का ऐलान किया है। इसके साथ ही वक्फ बोर्ड ने तिरंगा फहराने और पर्व मनाने के लिए अनुदान देने की भी घोषणा की है।
वक्फ बोर्ड के निर्देश के अनुसार, 15 अगस्त और 26 जनवरी के अवसर पर आवेदन करने वाली मस्जिदों, दरगाहों और इमामबाड़ों को 5 से 7 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। यह राशि तिरंगा फहराने, परिसर की सजावट करने और मिठाई वितरण जैसे कार्यक्रमों के लिए प्रदान की जाएगी। वक्फ बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था अगले वित्तीय वर्ष से प्रदेश भर में लागू होगी। वक्फ बोर्ड अध्यक्ष सलीम राज ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए कहा कि देशभक्ति के पर्व सभी धर्मों और समुदायों को जोड़ते हैं और वक्फ संस्थान भी पूरे सम्मान के साथ इन राष्ट्रीय पर्वों में भागीदारी निभाएंगे।
वक्फ बोर्ड के आदेश पर सियासत
हालांकि, वक्फ बोर्ड के इस फैसले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने वक्फ बोर्ड के ऐलान पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ऐसे फरमान जारी कर आखिर क्या साबित करना चाहती है। उन्होंने कहा कि देश के सभी नागरिकों के दिलों में पहले से ही तिरंगा बसता है और सरकार को इस तरह के आदेश जारी करने से बचना चाहिए। वक्फ बोर्ड के इस फैसले को जहां एक ओर देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता से जोड़कर देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसे लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। कांग्रेस के बयान पर पलटवार करते हुए बड़ा बयान दिया, कहा कि कांग्रेस में हमेशा मुसलमान कटघरे में खड़ा किया। कांग्रेस ने राष्ट्रीयता से मुसलमान को दूर रखा, मुसलमानों को आतंकवादी बनाने का काम कांग्रेस ने किया, बीजेपी चाहती है कि देश से जुड़े, देश से प्यार करे, बीजेपी चाहती है कि मुसलमानों के एक हाथ में कुरान हो, दूसरे में कंप्यूटर हो और एक तिरंगा रहे, कांग्रेस के पेट में हमेशा दर्द होता और पाकिस्तान को सहयोग करती है, बीजेपी हिंदुस्तान से प्यार करने वाला संगठन है।
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