दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि इस वर्ष छठ पूजा को यमुना नदी के दोनों किनारों पर भव्य और सुव्यवस्थित तरीके से मनाया जाएगा। उन्होंने तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के लिए सभी जरूरी सुविधाएं और सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। दिल्ली सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में कैबिनेट मंत्री आशीष सूद, कपिल मिश्रा, मुख्य सचिव धर्मेंद्र और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में यह तय हुआ कि यमुना के पल्ला से लेकर ओखला तक उपयुक्त घाटों को छठ पूजा के लिए तैयार किया जाएगा। आईटीओ और ओखला जैसे पारंपरिक घाटों को भी उन्नत किया जाएगा।
हालांकि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यमुना नदी में विसर्जन प्रतिबंधित रहेगा क्योंकि यह छठ अनुष्ठान का हिस्सा नहीं है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पूर्वांचलवासियों की बड़ी आबादी को देखते हुए सरकार का लक्ष्य छठ पर्व को सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित ढंग से मनाना है। पूरे शहर में इस बार कुल 929 स्थानों पर छठ पूजा का आयोजन होगा। इनमें यमुना तटों के अलावा मुनक नहर, कृत्रिम तालाब भी शामिल होंगे। सरकार ने सभी स्थलों पर स्वच्छता, जल छिड़काव, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए हैं। श्रद्धालुओं के लिए चिकित्सा सुविधाएं और विशेष प्रकाश व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी। सिंचाई विभाग को यमुना से जलकुंभी हटाने का काम सौंपा गया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि वह स्वयं यमुना घाटों और अन्य स्थलों का निरीक्षण करेंगी ताकि किसी तरह की कमी न रहे। उन्होंने यह भी बताया कि यदि आवश्यकता पड़ी तो यमुना में अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराने के लिए हरियाणा सरकार से सहयोग मांगा जाएगा। उन्होंने छठ पूजा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह पर्व पूर्वांचल वासियों की आस्था और संस्कृति का प्रतीक है। यह हमें प्रकृति और स्वच्छता के महत्व की याद दिलाता है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार हर श्रद्धालु को सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल उपलब्ध कराएगी ताकि छठ पूजा भव्यता और श्रद्धा के साथ संपन्न हो।
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