बिहार में रविवार को हुए छात्रों के विशाल विरोध प्रदर्शन को लेकर चुनाव रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर, उनकी जन सुराज पार्टी के नेताओं, कुछ कोचिंग सेंटर मालिकों समेत कई प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस के लाठीचार्ज की पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कड़ी निंदा की है।
पुलिस ने बीपीएससी उम्मीदवारों की पिटाई की
तेजस्वी यादव ने एक वीडियो बयान में कहा है कि, यह बहुत दुखद है कि, पुलिस ने बीपीएससी उम्मीदवारों की पिटाई की। इसमें कई लोग बुरी तरह घायल हुए हैं। हम इसकी निंदा करते हैं। जो दृश्य सामने आए हैं, वे दर्दनाक हैं। मैं एक युवा हूं और मैं उनकी स्थिति समझ सकता हूं। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा कि, हमने 28 नवंबर को विधानसभा में भी इस मुद्दे को उठाया था। हमने सीएम नीतीश कुमार को पत्र लिखा था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। बाद में बीपीएससी ने साफ किया कि, नॉर्मलाइजेशन नहीं होना चाहिए था। उन्होंने इसे पहले क्यों नहीं साफ किया।
तेजस्वी यादव ने अभ्यर्थियों का किया समर्थन
आरजेडी के सीनियर नेता तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि, 15-16 दिसंबर को बीपीएससी ने एक केंद्र पर परीक्षा रद्द करने का ऐलान किया। अगर पेपर लीक हुआ था तो सिर्फ एक केंद्र पर परीक्षा क्यों रद्द की जा रही है। यह एक तरह का नॉर्मलाइजेशन है। पूर्व डिप्टी सीएम ने आगे कहा कि, यही वजह है कि छात्र फिर से पेपर की कराने की मांग कर रहे हैं। मैं भी इसका समर्थन करता हूं।
तेजस्वी यादव ने प्रशांत किशोर पर बोला हमला
इसके साथ ही तेजस्वी यादव ने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर पर निशाना साधते हुए कहा कि, भूख हड़ताल से बीपीएससी कांप रही थी और सरकार हिली हुई थी, लेकिन सरकार ने नया फॉर्मूला निकाला और बीजेपी की बी टीम, जोकि कुछ राजनीतिक दुकानदारी करते हैं, उन लोगों को आगे खड़ा किया गया और गांधी मैदान में आंदोलन को ले जाना पड़ा। तेजस्वी ने आगे कहा कि, जब पिटाई हुई तो कुछ लोग कह रहे थे कि, हम आगे खड़े रहेंगे, सबसे पहले वही भाग खड़े हुए। ये आंदोलन को खत्म करने की साजिश है।
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