पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। सीएलएसए के अनुसार, 5 अक्टूबर के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी की जा सकती है। सीएलएसए ने अपनी रिपोर्ट, पिछले महीने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव द्वारा की गई कटौती के सुझाव के बाद लगाई गई अटकलों पर आधारित की है। मार्च 2024 से कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
कटौती के साथ उत्पाद शुल्क भी बढ़ा सकती है सरकार
सीएलएसए की रिपोर्ट बताती है कि खुदरा ईंधन की कीमतों में कटौती के साथ ही सरकार पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क भी बढ़ा सकती है। वर्तमान में केंद्र पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर 19.8 रुपये और 15.8 रुपये प्रति लीटर उत्पाद शुल्क लगाता है। वर्तमान उत्पाद शुल्क 2021 के शिखर की तुलना में 40 प्रतिशत और 50 प्रतिशत कम है। सीएलएसए के अनुसार, पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में प्रत्येक रुपए की बढ़ोतरी से सरकारी खाते में सालाना 16,500 और 5,600 करोड़ रुपए का अतिरिक्त संग्रह होगा।
कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट
उत्पाद शुल्क देश के भीतर वस्तुओं के निर्माण या उत्पादन पर लगाया जाने वाला कर है। पेट्रोल और डीज़ल के संदर्भ में, उत्पाद शुल्क केंद्र सरकार द्वारा भारत के भीतर इन ईंधनों के उत्पादन या बिक्री पर लगाया जाने वाला कर है। हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट देखी गई। बुधवार को कच्चे तेल का बेंचमार्क ब्रेंट ऑयल 74.15 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई 71.16 डॉलर प्रति बैरल था।
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