केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ बैठक की, जिसमें राज्य की सुरक्षा स्थिति, आतंकवाद विरोधी अभियान और ऑपरेशनल तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। गोविंद मोहन ने कैनाल रोड स्थित कन्वेंशन सेंटर में उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में इंटेलिजेंस ब्यूरो के निदेशक तपन डेका, बीएसएफ के DG प्रवीण कुमार, सीआरपीएफ प्रमुख जीपी सिंह, जम्मू-कश्मीर के DGP नलिन प्रभात सहित सेना, पुलिस, सिविल प्रशासन और इंटेलिजेंस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
आतंकवाद विरोधी अभियानों का मूल्यांकन किया गया
बैठक में जम्मू के ऊंचे पहाड़ी और जंगल वाले क्षेत्रों में चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियानों का मूल्यांकन किया गया। खुफिया जानकारी के अनुसार, इस क्षेत्र में दो साल पहले घुसपैठ करने वाले लगभग तीन दर्जन आतंकवादी, जिनमें कुछ पाकिस्तानी नागरिक भी शामिल हैं, अब भी छिपे हुए हैं। इसके अलावा, इंटरनेशनल बॉर्डर (IB) और लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पर ड्रोन गतिविधियों में बढ़ोतरी भी देखी गई है।
बैठक में सीमा सुरक्षा प्रबंधन, पहाड़ी इलाकों में सुरक्षा बढ़ाना, आतंकवाद विरोधी अभियान, ड्रोन घुसपैठ और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय गृह सचिव ने जम्मू-कश्मीर में चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियानों, घाटी और पहाड़ी क्षेत्रों में ऑपरेशनल तैयारियों और पुलिस, सेना, पैरामिलिट्री और इंटेलिजेंस एजेंसियों के सहयोग की समीक्षा की। केंद्रीय गृह सचिव का यह दौरा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के एक हफ्ते पहले दिए गए निर्देश के बाद हुआ, जिसमें सुरक्षा बलों को मिशन मोड में आतंकवादी नेटवर्क, उनके ओवरग्राउंड वर्कर्स और फंडिंग स्रोतों को निशाना बनाने के लिए ऑपरेशन जारी रखने का आदेश दिया गया था।
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