मुंबई - महाराष्ट्र की राजनीति में कथित 500 करोड़ रुपये के लेनदेन से जुड़े एक ऑडियो क्लिप ने सत्तारूढ़ गठबंधन में हलचल बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारांगे पाटिल से जुड़े इस ऑडियो की फॉरेंसिक जांच कराने के निर्देश दिए हैं। क्लिप में कथित तौर पर दावा किया गया है कि जारांगे पाटिल को प्रभावित करने और उनके आंदोलन को कमजोर करने के लिए 500 करोड़ रुपये दिए गए थे।
हालांकि, रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता और उसमें किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इस मामले ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच तनाव बढ़ा दिया है। दोनों दल महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन का हिस्सा हैं, लेकिन ऑडियो को लेकर नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
फडणवीस ने दिए फॉरेंसिक जांच के आदेश
मनोज जारांगे पाटिल ने यह ऑडियो सार्वजनिक करते हुए आरोप लगाया कि उन्हें चुप कराने और मराठा आरक्षण आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की गई। रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के माध्यम से 500 करोड़ रुपये दिए जाने की बात कही गई है। श्रीकांत शिंदे, एकनाथ शिंदे के बेटे हैं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि ऑडियो की पूरी तरह फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी, ताकि रिकॉर्डिंग की सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि कथित बातचीत सामने आने में ढाई साल से अधिक समय क्यों लगा और इसके पीछे क्या उद्देश्य हो सकता है। एकनाथ शिंदे ने कथित लेनदेन के आरोपों को खारिज किया है। शिवसेना नेताओं ने भी रिकॉर्डिंग की सत्यता की जांच की मांग की है। ऐसे में अब जांच के नतीजे इस पूरे विवाद में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
शिंदे को राजनीतिक रूप से खत्म करने की साजिश का आरोप
इस विवाद के बीच शिवसेना नेता रामदास कदम ने आरोप लगाया कि बीजेपी के कुछ नेता मनोज जारांगे पाटिल के साथ मिलकर एकनाथ शिंदे को राजनीतिक रूप से कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर बीजेपी के भीतर कौन शिंदे को निशाना बनाना चाहता है। शिवसेना के कुछ अन्य नेताओं ने भी इस प्रकरण को शिंदे की छवि खराब करने की कोशिश बताया है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी इस घटनाक्रम पर तंज कसा है। उन्होंने कथित 500 करोड़ रुपये के मामले को एकनाथ शिंदे को खत्म करने की साजिश से जोड़ते हुए सवाल उठाए। इस टिप्पणी ने विवाद को और राजनीतिक रंग दे दिया है।
दशहरा रैली के बयान से भी बढ़ी चर्चा
दशहरा रैली के दौरान एकनाथ शिंदे के खेमे के मंत्री के बयान को भी इस विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, मंत्री ने कहा था कि वे एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते हैं और उनके मुख्यमंत्री बनने के रास्ते में आने वालों को हटाया जाएगा। इस बयान और 500 करोड़ रुपये के कथित ऑडियो को लेकर राजनीतिक हलकों में कई सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
जांच के नतीजों पर टिकी निगाहें
महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना के बीच बढ़ती बयानबाजी ने गठबंधन की आंतरिक राजनीति को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि वायरल ऑडियो वास्तविक है या नहीं और उसमें लगाए गए आरोपों के पीछे कितनी सच्चाई है।
फॉरेंसिक जांच से रिकॉर्डिंग में मौजूद आवाजों और उसकी प्रामाणिकता की पड़ताल की जाएगी। जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक कथित 500 करोड़ रुपये के लेनदेन और राजनीतिक साजिश से जुड़े दावों को प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।