चिकित्सा जरूरतों के लिए भारत आने वाले विदेशी नागरिकों की यात्रा को सरल बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने ई-मेडिकल वीज़ा और मरीजों के साथ आने वाले परिजनों या देखभालकर्ताओं के लिए ई-मेडिकल अटेंडेंट वीज़ा की व्यवस्था लागू की है। यह जानकारी केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से दी।
राज्य सरकारों की अहम भूमिका
देश में चिकित्सा पर्यटन सहित पर्यटन स्थलों और सेवाओं के विकास व उनके प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी संबंधित राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन की होती है। पर्यटन मंत्रालय विभिन्न योजनाओं और पहलों के जरिए इन प्रयासों को समर्थन देता है, जिनमें वेलनेस टूरिज्म और हेल्थ टूरिज्म भी शामिल हैं।
चिकित्सा पर्यटन के लिए समर्पित पोर्टल
वाणिज्य मंत्रालय के अधीन सेवा निर्यात प्रोत्साहन परिषद ने चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष वेबसाइट www.indiahealthcaretourism.com विकसित की है। इस पोर्टल पर मान्यता प्राप्त अस्पतालों, वेलनेस सेंटरों, वीज़ा प्रक्रिया और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाली संस्थाओं से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी गई है। पर्यटन मंत्रालय ने इस वेबसाइट का लिंक अपनी आधिकारिक साइट्स पर भी उपलब्ध कराया है।
पर्यटन ढांचे के विकास को वित्तीय सहायता
पर्यटन मंत्रालय स्वदेश दर्शन, प्रसाद (तीर्थयात्रा कायाकल्प और आध्यात्मिक संवर्धन अभियान) और पर्यटन बुनियादी ढांचा विकास के लिए केंद्रीय एजेंसियों को सहायता जैसी योजनाओं के माध्यम से राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए आर्थिक मदद प्रदान करता है।
गाइडलाइंस के तहत दी जाती है सहायता
केंद्र सरकार की ओर से यह वित्तीय सहायता निर्धारित गाइडलाइंस के अनुसार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से प्राप्त प्रस्तावों तथा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) के आधार पर स्वीकृत की जाती है।
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